श्रावस्ती/इकौना/तुलसीपुर। दो दिन तक कहर बरपाने के बाद बृहस्पतिवार को राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान के नीचे पहुंच गया। गांवों से पानी भी निकलने लगा है। जमुनहा क्षेत्र में रास्ता कटने से लोगों को पानी के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है, तो वहीं इकौना क्षेत्र में कटान जारी है। विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय ने इकौना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और हर संभव मदद का वादा किया।
राप्ती नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को खतरे के निशान 127.70 मीटर से 20 सेमी घटकर 127.50 मीटर पहुंच गया। इससे बाढ़ प्रभावित जमुनहा तहसील के आधा दर्जन गांवों से पानी तेजी से निकल रहा है, इससे ग्रामीणों व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बाढ़ ने जहां भिनगा-मल्हीपुर मार्ग को वीरपुर के पास 20 मीटर तक काट दिया है, तो वहीं 500 मीटर तक क्षतिग्रस्त भी कर दिया है। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जलस्तर घटने के साथ ही इकौना तहसील क्षेत्र के भुतहा, मंझौवा शुमाल, खरगौरा गणेंश के मजरा मुश्काबाद में राप्ती ने कटान तेज कर दिया है।
बृहस्पतिवार को ग्रामीणों को अपने-अपने घर तोड़कर मलबा समेटते देखा गया। गिलौला के नरायनपुर गांव में नदी की धारा ने एक शिवालय को काटकर समाहित कर लिया। इससे लोगों में दहशत का माहौल है।
विधायक ने एसडीएम के साथ लिया जायजा
कटान की सूचना पर बृहस्पतिवार को श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय एसडीएम पीयूष जायसवाल, बाढ़ खंड अधिकारी अखिलेश गौतम के साथ ग्राम पंचायत मझौवा शुमाल व मुश्काबाद पहुंचे। उन्होंने कटान का जायजा लिया और ग्रामीणों से नुकसान की जानकारी ली। साथ ही एसडीएम को पीड़िताें की हर संभव मदद के लिए निर्देशित किया।
सात कटान पीड़ितों को दिया राशन किट, मिलेगा आवास
भुतहा गांव के कटान पीड़ितों को बृहस्पतिवार को इकौना तहसील परिसर में राशन किट वितरित किया गया। विधायक ने अपने हाथ से भी पीड़ितों को सहायता सामग्री दी। एसडीएम इकौना पीयूष जायसवाल ने बताया कि बुद्धिसागर, शिवराम, राम निवास, जयप्रकाश, स्वामीनाथ, सिद्धनाथ व सर्वजीत को राशन किट दिया गया है। इन सभी को आवास भी दिया जाएगा।