जेतवन परिसर में प्रार्थना करता त्रिपुरा से आया दल।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को बुद्धम शरणम गच्छामि के उद्घोष से गुंजायमान रही। त्रिपुरा से आए 40 सदस्यीय दल ने जेतवन व गंधकुटी में अपने रीति रिवाज में प्रार्थना की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु देवानंद ने बुद्ध उपदेश दिया।
बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि गौतम बुद्ध कहते हैं कि अपने जीवन में दूसरों से लड़ाई लड़ने से अच्छा है खुद पर जीत हासिल करना। अगर इसे अपना लिया तो हमें कोई पराजित नहीं कर सकता। गौतम बुद्ध के अनुसार जीवन में तीन चीजें कभी भी छिपाकर नहीं रख सकते हैं। वह है सूर्य, चंद्रमा और सत्य। गौतम बुद्ध कहते हैं कभी भी बुराई से बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता। इसे खत्म करने के लिए प्रेम का सहारा लेना पड़ता है। प्रेम से दुनिया की हर बड़ी चीज को जीता जा सकता है। पूजन के बाद अनुयायियों ने सभा मंडप, आनंद बोधि, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, राहुल कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, सूर्यकुंड, कच्ची कुटी, पक्की कुटी, ओड़ाझार टीला आदि का भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।