श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म हो चुका है। सुबह निकलने वाली चिलचिलाती धूप के कारण नौ बजे के बाद घरों से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। वहीं दोपहर में सूरज से बरस रही आग के कारण वैशाख माह के पहले पखवाड़े में ही जेठ की तपन का अहसास होने लगा है।
तराई में मौसम का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। चढ़ते पारे के साथ ही सूरज की किरणें सुबह नौ बजे से मानो आग उगल रही हैं। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस मापा गया। ऐसे में आग बरसा रही सूरज की किरणों के कारण वैशाख माह के पहले पखवाड़े में ही जेठ की तपन का अहसास होने लगा है। इसका असर खेती किसानी पर पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप व तपन के कारण जहां किसान दिन में फसल की मड़ाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सुबह शाम काटी जा रही गेहूं की फसल को दोपहर में एकत्र करने मे ही असुविधा हो रही है। चिलचिलाती धूप के कारण बेहाल लोगों को पानी की ही दरकार है। जबकि मुख्य मार्ग किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर लगे ज्यादातर हैंडपंप के खराब होने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बना रह सकता है। संवाद