संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। ककंधू के मजरा खंभारा में शुक्रवार रात हुई लूट की घटना जांच में फर्जी निकली। गृह स्वामिनी ने ही अपने विरोधियों को फंसाने के लिए कथित लूट बताते हुए तीन नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ सोनवा पुलिस को तहरीर दिया था। पुलिस की जांच में लूट की कहानी मनगढ़ंत निकली।
विदित हो कि सोनवा थाना क्षेत्र के ग्राम ककन्धू के मजरा खंभारा निवासी रामप्रसाद मौर्य की पुत्री की रविवार को बारात आनी थी। इससे पूर्व शनिवार को रामप्रसाद की पत्नी निर्मला देवी ने सोनवा पुलिस को तहरीर दिया था। जिसमें उसका आरोप था कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे 10 से 12 की संख्या में पहुंचे लुटेरों ने पीड़िता को बंधक बना लिया। इसके बाद सिर पर चोट कर पीड़िता को बेहोश कर दिया। जबकि बगल में सो रही उसकी चचेरी बहू को भी बंदूक के बल पर बंधक बनाकर बदमाशों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। इसके बाद लुटेरे कमरे में रखे बक्से से डेढ़ लाख रुपए नगदी, 50 हजार रुपए के जेवर, 25 हजार के बर्तन, 10 हजार के कपड़े उठा ले गए। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर सोनवा पुलिस ने गांव के ही अनिल पुत्र छत्तर, झब्बर पुत्र सियाराम व लक्ष्मननगर निवासी पिंटू पुत्र नकछेद पर घटना कारित करने का आरोप लगाया था। मामले में एसपी प्राची सिंह का कहना है कि जांच के दौरान पता चला कि वादी व आरोपियों के मध्य पूर्व से विवाद चल रहा है। अनिल कुमार की पत्नी ने निर्मला देवी व उनके परिजनों के विरूद्ध 23 मई २०23 को मारपीट सहित एससी एसटी एक्ट मे मामला दर्ज कराया था। जिसका आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जा चुका है। आरोपी झब्बर व निर्मला के मध्य जमीनी विवाद चल रहा है। जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता ने अपने व परिजनों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में सुलह के लिए रंजिशन विरोधियों को फंसाने के लिए मनगढ़ंत लूट की घटना दर्शाया गया था। जो पूरी तरह से निराधार है। लूट के दर्ज मुकदमा को खारिज करने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही निर्मला देवी के विरुद्ध धारा 182 सीआरपीसी लगाने के लिए अलग से न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। संवाद