तपोस्थली में व्याप्त गंदगी व मार्ग किनारे पड़ी सिंगल यूज पॉलीथिन।
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कटरा (श्रावस्ती)। पुरातत्व विभाग ने गांधी जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। इस दौरान जगह जगह स्वच्छता अभियान चला कर न सिर्फ तस्वीरें खिंचाई गई, बल्कि उसका खूब प्रचार प्रसार भी हुआ। अभियान खत्म होते ही एक बार पुन: तपोस्थली की बदरंग तस्वीर उजागर हुई। जो स्वच्छ भारत मिशन अभियान की पोल खोल रहा है।
दुनिया को स्वच्छता व सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने का संदेश देने वाले देश में ही प्रधानमंत्री के इस अभियान की खिल्ली उड़ाई जा रही है। ऐसा कहीं और न ही बल्कि विनीयमित क्षेत्र बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में ही देखा जा सकता है।
जहां देश में चलाया जाने वाला स्वच्छ भारत मिशन अभियान नाकाम साबित हो रहा है। जबकि यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में चीन, जापान, म्यामार, थाईलैंड, वर्मा, कंबोडिया सहित अन्य देशों से पर्यटक व बौद्ध अनुयायी विशेष प्रार्थना के लिए आते हैं। इसके बावजूद तपोस्थली के चारों तरफ गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही है। कहीं झाड़ियां तो कहीं कागज व पॉलीथिन बिखरी पड़ी हैं।
बौद्ध परिपथ मोड़ से लेकर लंका मंदिर परिसर, चाइना मंदिर के सामने परेड ग्राउंड मैदान, काउंटर खिड़की के पास जगह जगह सिंगल यूज पॉलीथिन व कैरी बैग देखे जा रहे हैं। जिसके उपयोग पर दो अक्टूबर से पूर्णतया प्रतिबंध है। इसके बावजूद तपोस्थली में इसका धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में यहां आने वाले विदेशी मेहमानों को देश की धूमिल तस्वीर देखने को मिल रही है। जबकि श्रावस्ती को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने तथा इसकी पवित्रता कायम रखने के लिए बौद्ध भिक्षुओं द्वारा लगातार अपील भी की जा रही है।