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चुनाव के पहले ही ब्लॉक के अधिकारी हुए मालामाल

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श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का रिजल्ट भले ही आने में अभी देर है। लेकिन ब्लॉक कर्मचारी इस चुनाव के पहले ही अदेयता प्रमाण पत्र जारी करने में ही मालामाल हो गए। औसतन सभी ब्लॉकों में 50 से 60 लाख रुपये की वसूली संगठित रूप से कराई गई। यही नहीं बिजली व राजस्व विभाग में भी अदेयता के लिए भीड़ लगी रही। जबकि आयोग ने इन दो विभागों की अदेयता मांगी ही नहीं है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीटें भले ही निश्चित हों, लेकिन प्रत्याशियों की संख्या अनिश्चित है। औसतन जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 10 प्रत्याशी तो ग्राम प्रधान पद पर 25 से 40 प्रत्याशी मैदान में उतर चुके हैं। यही हाल क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का भी है। जिन पर दस से पंद्रह प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य पद पर पांच से सात प्रत्याशी मैदान में हैं। सभी दावेदार नामांकन पत्र खरीद कर आगामी तीन व चार अप्रैल को नामांकन पत्र जमा करने की तैयारी में हैं। जिला पंचायत सदस्य पद से लेकर सदस्य ग्राम पंचायत पद तक के लिए नामांकन पत्रों के साथ आयोग ने अदेयता प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य किया है। प्रत्याशियों की भारी भीड़ व नामांकन पत्र बिक्री तथा जमा करने की तिथियों में कम अंतर होने के कारण खंड विकास कार्यालय ने इसे अवसर के रूप में लिया है।
इसलिए ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की अदेयता जारी करने के लिए काउंटर खोला गया है। आयोग व प्रशासन की ओर से इन दोनों अदेयता के लिए कोई भी शुल्क न लेने का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। जबकि खंड विकास कार्यालय में इस अदेयता के लिए दो सौ से पांच सौ रुपए कांउटर पर बैठ कर वसूल किया जा रहा है। यह पैसा सरकार या आयोग के किस खाते में जमा होगा। इसकी जानकारी न तो अदेयता लेने वालों को दी जा रही है। और न ही इसकी कोई रशीद ही प्रत्याशियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां तक कि सिरसिया, जमुनहा, इकौना व गिलौला में पहले चरण में तो अदेयता केवल प्रार्थना पत्र लेकर जारी कर दिया गया। जिसका कोई विशेष लेखा जोखा भी ब्लॉक पर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ब्लॉकों में जमा किए गए नामांकनों को देखा जाए तो औसतन पचास से साठ लाख रुपए प्रति ब्लॉक प्रत्याशियों से अवैध वसूली की गई है।
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अवैध वसूली की सपा ने की शिकायत
अदेयता प्रमाण पत्र के नाम पर सभी ब्लॉकों में हो रही वसूली की शिकायत समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र विक्रम यादव ने आयोग से की है। उनका आरोप है कि चुनाव में प्रत्याशियों की भीड़ का फायदा प्रशासन उठा रहा है। ऐसे में उन्होंने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
बिजली की एनोसी के लिए आयोग नहीं प्रशासन का मौखिक निर्देश
आयेग ने केवल ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की अदेयता को अनिवार्य किया है। जबकि लोग बिजली व राजस्व विभाग द्वारा जारी अदेयता के लिए भी कतारबद्ध हैं।
नोटरी के लिए भी मची मारामारी
नामांकन पत्र में तीन शपथ पत्र जमा करने की अनिवार्यता है। इसमें प्रत्याशियों के संपत्ति का विवरण, आपराधिक इतिहास व शैक्षिक योग्यता की जानकारी उपलब्ध कराना है। इसका नमूना पत्र नामांकन पत्र में ही उपलब्ध है। प्रत्याशी चाहें तो इसी फार्मेट पर दस रुपये का अतिरिक्त टिकट लगाते हुए नोटरी करा लें। अन्यथा दस रुपये के स्टांप पर भी लिखकर जमा किया जा सकता है।
सिर्फ नो ड्यूज के लिए लग रहे डेढ़ सौ रुपये
अदेयता के लिए जिला पंचायत द्वारा 150 रुपये शुल्क जिला विकास निधि में जमा कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त किसी भी विभाग द्वारा शुल्क लेने का आदेश नहीं है। -श्रीकांत दुबे अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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