कोहरे की चादर में लिपटी रही तराई
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का पारा बार-बार लुढ़क रहा है। शुक्रवार की देर शाम शुरू हुआ कोहरे का दौर शनिवार की दोपहर बाद तक जारी रहा। इससे लोग ठंड से कंपकंपाते रहे। दोपहर बाद निकले सूरज ने लोगों को दिन में राहत जरूर दिलाई। पछुआ हवा के कारण सुबह-शाम ठिठुरन काफी बढ़ गई है। वहीं अलाव की आंच ठंडी पड़ने के कारण सार्वजनिक स्थलों पर लोग ठंड से कंपकंपाते नजर आए।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से जिले में मौसम का मिजाज शुक्रवार रात अचानक ठंडा पड़ गया। लगातार आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज पश्चिमोत्तर हवा के कारण ठंड काफी बढ़ गई है। देर शाम शुरू हुआ घने कोहरे का दौर दोपहर तक जारी रहा। इस बीच आद्रता घटकर 40 प्रतिशत पुहंचने से सुबह तक कोहरा बूंद बनकर बरसता रहा। तेज हवा व घने कोहरे के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जिससे लोग ठंड से बेहाल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे।
जनवरी माह में भी अब तक प्रशासन ने कस्बा क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं की है। भिनगा व इकौना नगर में अलाव की आंच ठंडी पड़ जाने के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। लोग ठंड से बचने के लिए खुद से ही लकड़ियों का प्रबंध करने को विवश देखे जा रहे है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह बताते हैं कि तापमान में अभी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।