श्रावस्ती। खेल प्रतिभाओं से धनी तराई के क्रीड़ांगन में द्रोणाचार्यों की कमी खिलाड़ियों को अखर रही है। कई बार मांग पत्र भेजे जाने के बाद भी यहां कई खेलों के प्रशिक्षकों का आभाव है। हालांकि, जिन खेलों के प्रशिक्षक तैनात हैं उन खेल के खिलाड़ियों ने प्रदेश ही नहीं देश में भी जिले का नाम रोशन किया है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा में मात्र छह खेल प्रशिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में इन खेल के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीयस्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने एशियान चैंपियनशिप में भी अपनी प्रतिभा बिखेरी है। वहीं, राष्ट्रीयस्तर पर गोल्ड मेडल जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। इसी तरह से खो-खो के खिलाड़ियों ने प्रदेशस्तर पर जीत दर्ज किया है। कबड्डी व फुटबाॅल में भी खिलाड़ियों ने प्रदेश स्तर पर प्रतिभाग कर जिले का मान बढ़ाया है। क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबाॅल, ताइक्वांडो सहित अन्य खेलों में रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को मन मारकर रहना पड़ रहा है। कारण है कि इन खेलों के प्रशिक्षकों की अब तक तैनाती ही नहीं हो सकी है। हालांकि, विभाग की ओर से प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए मांग पत्र भेजा गया है फिर भी शासन की ओर से जिले के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए कोच की तैनाती नहीं की गई है।
प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन तैनाती नहीं हो सकी है। शीघ्र ही पुन: पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है। हालांकि किसी भी खिलाड़ी को खेलने के लिए प्रतिबंधित नहीं किया गया है। जिन खेलों के प्रशिक्षक नहीं हैं उन खिलाड़ियों की तकनीकी रूप से मदद नहीं की जा सकेगी।
- बृजेश कुमार सोनी, जिला क्रीड़ाधिकारी