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लक्ष्य नौ हजार पर जिले को मिले अब तक सिर्फ 3700 कंबल

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श्रावस्ती। तराई में जहां पूस की रात गरीबों पर भारी पड़ रही है, वहीं उन्हें राहत देने के लिए प्रशासन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले में इस बार नौ हजार गरीबों, बेसहारा व वृद्धों में कंबल का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से भी अभी तक सिर्फ 3700 कंबल ही जिले को उपलब्ध हो सके है। इनका वितरण अब शुरू हुआ है। शेष कंबल कब आएंगे और उनका वितरण कब होगा इसका जवाब अधिकारी देने से कतरा रहे हैं। इससे गरीबों को ठंड से बेहाल देखा जा रहा है।
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सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 34755 ऐसे परिवार हैं, जिनको गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है। इनकी वार्षिक आय 38 हजार रुपये से भी कम है। इनको परिवार के जीविकोपार्जन के लिए एक मात्र मजदूरी का ही सहारा है। नियमित मजदूरी न मिलने के कारण इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट रहता है। ऐसे में इन परिवारों पर पूस की रात भारी पड़ रही है।
जिले में पड़ने वाली कड़ाके ठंड से बचने के लिए इन परिवारों को राहत के नाम पर अलाव का ही सहारा रहता है। परिवार के बच्चे भी आसपास से लकड़ी उपला आदि एकत्र कर ठंड से बचने का जतन कर रहे हैं। इन परिवारों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से मात्र नौ हजार कंबल खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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इसके सापेक्ष अभी तक मात्र 3700 कंबल ही जिले को उपलब्ध हो सके हैं। इनका वितरण कराया जा रहा है। ऐसे में शेष गरीबों को बिना कंबल ही पूस की रात गुजारनी पड़ सकती है। शेष कंबल कब तक उपलब्ध होंगे और कब इसका वितरण होगा, इसकी जानकारी देने से जिम्मेदार अधिकारी भी कतरा रहे हैं।
150 गरीबों को मिले कंबल
इकौना तहसील प्रशासन की ओर से रविवार को प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप जिलाधिकारी इकौना राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय ने क्षेत्र के डेढ़ सौ गरीबों को कंबल का वितरण किया। मौके पर तहसीलदार शिवध्यान पांडेय सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी गरीबों को कंबल देने का नहीं नियम
जिले के सभी गरीबों को कंबल देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें भी पात्रता तय है। ऐसे लोग जो निशक्त, वृद्ध, असहाय व अत्यधिक गरीब हैं सिर्फ उन्हें ही कंबल देने का नियम है। इनकी संख्या जिले में मात्र नौ हजार ही है। उनके लिए कंबल खरीदा गया है। जल्द ही सभी को कंबल प्रदान कराया जाएगा। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी
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