दोंदरा गावं के पास दो वर्ष बाद भी नहीं दुरुस्त हुआ कटा तिलकपुर अंधरपुरवा तटबंध।
श्रावस्ती। जिले में सोमवार बाढ़ तैयारियों का जायजा लेने आए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह इकौना के लैबुड़वा गांव से वापस बलरामपुर लौट गए। उनके आने की सूचना से दोंदरा सहित आसपास के ग्रामीणों में तिलकपुर अंधरपुरवा तटबंध के मरम्मत की आस जगी थी, जो टूट गई। अब एक बार फिर करीब 12 गांवों के ग्रामीणों को विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाढ़ व कटान का खतरा सताने लगा है।
भिनगा तहसील क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर कला के मजरा दोंदरा में वर्ष 2023 में राप्ती नदी की बाढ़ में तिलकपुर अंधरपुरवा तटबंध करीब 250 मीटर कट गया था। इसके बाद राप्ती नदी अपने तट पर बसे दोंदरा, पाराबन, सेहनिया, कोंड़री, गोड़धोई, तेलियनपुरवा, हरीपुर, शुकुलपुरवा, रामगढ़ी, गंगापुर खर्च, मध्यनगर, जोगनी, खर्चिया सहित एक दर्जन गांवों में अपना कहर बरपाया। विगत वर्ष इन गांवों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए राप्ती नदी की धारा मोड़ने का प्रयास किया गया। यह प्रयास भी पहली ही बाढ़ में धरा रह गया। इसके बाद राप्ती अस्थायी तटबंध को काटकर पुन: पुराने रास्ते पर लौट आई। इसका खामियाजा ग्रामीणों को दोबारा भुगतना पड़ा। बाढ़ व कटान के कारण जहां कई गांव कई दिनों तक टापू बने रहे। वहीं पीएमजीएसवाई से बनी मुजेहना गौहनिया सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद न तो यहां तटबंध बना और न ही इन गावों को बाढ़ व कटान से बचाने का कोई प्रयास ही हुआ।
जल शक्ति मंत्री के आने से जगी थी उम्मीद
विभाग की ओर से बोरी में मिट्टी भरकर शेष बचे तटबंध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में सोमवार को जल शक्ति मंत्री के बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने की सूचना के बाद ग्रामीणों में राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। मंत्री के न आने से ग्रामीणों की उम्मीद पर पानी फिर गया। ऐसे में कछार वासियों को एक बार पुन: अभी से राप्ती नदी की बाढ़ व कटान का खतरा सताने लगा है।