श्रावस्ती/गिलौला/गिरंट बजार/वीरपुर। ईरान-इस्राइल के मध्य चल रहे युद्ध से उपजी पेट्रोलियम पदार्थों की समस्या अब किसानों के लिए नासूर बनती दिख रही है। पेट्रोल पंपों पर तो पर्याप्त तेल उपलब्ध होने से स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन पंप कर्मियों की ओर से डिब्बे में तेल न देने से किसानों के सामने सिंचाई व मड़ाई का संकट उत्पन्न हो गया है।
बीते दिनों पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह इस कदर फैली कि पेट्रोल पंपों पर तेल लेने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से लोगों को डिब्बों में तेल न देने का फरमान जारी कर दिया गया। हालांकि अब स्थिति सामान्य हो गई है।
रविवार को लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त तेल होने से लोगों को आसानी से तेल मिल रहा है। बावजूद इसके डिब्बों में तेल न देने का आदेश किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। लगभग सभी फसलें तैयार हैं, जिनकी मड़ाई करने के लिए किसान तैयारी कर रहे हैं।
इसके लिए उन्हें डिब्बों में ही तेल लेना पड़ेगा, लेकिन उन्हें आदेश का हवाला देकर पंप कर्मी बैरंग वापस कर दे रहे हैं। गिरंट क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर तो अपने चहेतों को डिब्बे में तेल दिया जा रहा है, लेकिन अन्य किसानों को वापस कर दिया जा रहा है।
यह बोले किसान
ग्राम श्याम देवनिया निवासी राजकुमार तिवारी ने बताया कि उन्हें मक्का की फसल की सिंचाई करनी है, लेकिन डीजल न मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसी गांव के राम बहादुर ने बताया कि सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन डीजल न मिलने से वह भी सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
महदेईया गांव निवासी ननके प्रजापति ने बताया कि मक्का व गन्ना की फसल की सिंचाई के लिए लगभग 20 लीटर डीजल की जरूरत है, लेकिन पंप पर तेल न मिलने से वह परेशान हैं। तेंदुआ बराव निवासी घुरकाही सिंह ने बताया कि मक्के की सिंचाई के लिए वह तेल लेने गए थे, लेकिन पंप कर्मियों ने उन्हें वापस कर दिया। काशीपुरवा निवासी तिलकराम ने बताया कि पंप कर्मियों ने डिब्बे में तेल देने से मना कर दिया। पेट्रोल भी मात्र 200 रुपये का ही दे रहे हैं। ऐसे में फसलों की सिंचाई और मड़ाई कैसे होगी।