गंध कुटी में पूजा करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों से गुलजार रही। बौद्ध अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में अपने रीति रिवाज के अनुसार बोधिवृक्ष की पूजा-अर्चना की। इसके बाद बौद्ध सभा का आयोजन किया गया।
सभा के दौरान भिक्षु ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मनुष्य को सदा अच्छी संगति करने का उपदेश दिया है, क्योंकि मनुष्य के आचरण पर संगति का गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की संगति प्राप्त होते ही दुर्दांत डाकू अंगुलीमाल का हृदय परिवर्तन हो गया था और वह संत बन गया।
उन्होंने आगे बताया कि इसी तरह कई ऐसे उदाहरण हैं, जो हमें संगति को सुधारने के लिए प्रेरित करते हैं। सभा के बाद अनुयायियों ने अंगुलीमाल गुफा, सहेट महेट, कच्ची कुटी पक्की कुटी, जेतवन परिसर आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी हासिल की।
इस मौके पर बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, धम्म सागर, नाग रत्न व मित्र सेन आदि मौजूद रहे।