फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाकडाउन में सुधरी इकौना व भिनगा की आबोहवा

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। लॉकडाउन के दौरान भिनगा व इकौना में आबोहवा की सेहत सुधर गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार सुधार हो रहा है। वातावरण में कार्बन डाई आक्साइड सहित अन्य हानिकारक गैसों की सघनता में कमी आई है। दोनों नगरों की तुलना में भिनगा का सूचकांक औसतन 61 बताया जा रहा है जो मानक से बहुत ही बेहतर है जबकि बौद्ध तपोस्थली कटरा का मानक 90 होने के कारण वह भिनगा की अपेक्षा संतोषजनक पाया गया।
विज्ञापन

लॉकडाउन के चलते भले ही आम लोगों का जनजीवन कुछ अस्तव्यस्त हुआ हो लेकिन उनकी सेहत घर बैठे ही चुस्त-दुरुस्त हो रही है। इसका कारण है कि जिले की आबोहवा की भी सेहत लॉकडाउन के दौरान सुधरी है। 23 मार्च के बाद से लॉकडाउन के चलते वाहनों का शोर, कोयले की भट्ठियों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण कार्य में लगी मशीनों की धूल व मिट्टी के गुबार खत्म हुए हैं जबकि पहले इन्हीं सब कारणों से लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल था।
वायु प्रदूषण के कारण सांस व अन्य बीमारियां बढ़ी थीं लेकिन अब उत्तर प्रदेश पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार लॉकडाउन के बाद इकौना में एयर क्वालिटी इंडेक्स 90 अधिकतम व 40 न्यूनतम पर रहा जबकि भिनगा में इस इंडेक्स का अधिकतम 61 व न्यूनतम 40 मापा गया।
विज्ञापन

कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमबी सिंह के मुताबिक सामान्य दिनों में वाहनों से निकलने वाले धुएं व अन्य कारणों से शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 130 से 140 तक रहता है। कभी-कभी यह 150 का आंकड़ा भी पार कर जाता है लेकिन श्रावस्ती में लॉकडाउन के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक में काफी सुधार हुआ।
यह घट कर 40 के आसपास पहुंच गया है। औसतन यह 50 से 60 के बीच होता है। यह स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा आंकड़ा है। वैसे एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार 50 तक अच्छा 51 से 100 तक औसत व 150 से ऊपर नुकसानदेह होता है। भिनगा के आसपास क्योंकि वन क्षेत्र है इसलिए वहां की आबोहवा ज्यादा बेहतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें