मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।
- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।
श्रावस्ती। जिले में संचालित निजी विद्यालयों के वाहनों की जहां एक ओर परिवहन विभाग अभियान चलाकर सुरक्षा के मानकों को परख रहा है। वहीं ई रिक्शा व टेंपो क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगता नजर आ रहा है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहनों का संचालन किया जा रहा है। परिवहन विभाग विद्यालय के वाहनों की जांच कराकर उन्हें पोर्टल पर अपडेट करा रहा है। लगभग 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में अब तक मात्र दो वाहन ही मानकविहीन पाए गए है, जबकि जिले के 54 विद्यालयों में 132 पंजीकृत वाहनों का संचालन हो रहा है। वहीं 100 से अधिक वाहन ऐसे हैं जो बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं।
यह बोले अभिभावक
भिनगा निवासी संतोष पाठक बताते हैं कि उनकी बेटी नगर के एक स्कूल में पढ़ती थी। स्कूल से चलने वाली वैन की गति को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायती की, लेकिन सुधार न होने पर उसका नाम वहां से कटाना पड़ा। भंगहा के इमरान अहमद बताते हैं कि भिनगा के एक स्कूल की वैन उनके बच्चों को लेने आती है, लेकिन उसके चालक अक्सर बदल जाते हैं। इससे मन में डर बना रहता है। अभिभावक कंचन वर्मा ने बताया कि स्कूली वाहनों को गति सीमा में ही चलना चाहिए। इसपर विभाग को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
विद्यालयों के वाहनों का सत्यापन कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सत्यापन अभियान के समापन पर विभाग की ओर से सघन चेकिंग का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वह विद्यालय के पंजीकृत वाहन से ही अपने बच्चों को विद्यालय भेजें, या फिर स्वयं लाने ले जाने का कार्य करें तो ज्यादा सुरक्षित होगा। - विनीत कुमार मिश्रा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी