टरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली शनिवार को अनुयायियों से गुलजार रही। थाईलैंड से 42 सदस्यीय दल शनिवार को तपोस्थली पहुंचा और गंधकुटी पर भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में प्रार्थना की। इसके बाद दल के सदस्यों ने तपोस्थली का भ्रमण कर बुद्धम शरणम गच्छामि का उद्घोष किया।
पूजन के बाद आयोजित सभा के दौरान भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि संसार में दुख ही दुख है। इस दुख का कारण सांसारिक वस्तुओं के लिए इच्छा और कामना है। भगवान बुद्ध ने कहा था कि दुख से छुटकारा पाने के लिए मनुष्य को आष्टांगिक मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा था कि सब भाईचारे व प्रेम के साथ रहें। पवित्रता से जीवन बिताएं, सत्य का पालन करें। व्यक्ति को घृणा से नहीं, बल्कि प्रेम से जीतना चाहिए। इस दाैरान अनुयायियों ने विभिन्न स्मारकों पर पहुंचकर प्रार्थना की।