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सीएमएस के प्रभार को लेकर तनाव

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श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात सीएमएस कुछ दिन पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके है। उनके स्थान पर बाराबंकी के चिकित्सक को सीएमएस के रूप में तैनात किया गया हैं। उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। इसी बीच सीएमएस के प्रभार को लेकर संयुक्त जिला चिकित्सालय में संघर्ष की स्थिति बन गई है। अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक ने स्वयं को सीएमएस घोषित कर दिया। वहीं अपर निदेशक देवीपाटन मंडल ने एक कनिष्ठ चिकित्सक को सीएमएस बना दिया। अब अस्पताल में सीएमएस को लेकर चिकित्सक दो गुटों में बट गए हैं। इससे कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
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जनपदवासी कोरोना संक्रमण को लेकर भयभीत है। लगभग प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के कारण चिकित्सकों की भूमिका भी प्रमुख हो गई है। वहीं दूसरी ओर संयुक्त जिला चिकित्सालय में सीएमएस प्रभार को लेकर चिकित्सकों के दो गुट बन गए है। बताया जाता है कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात सीएमएस डॉ विजय कुमार तीस जून को सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर बाराबंकी जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक डॉ जेठा सिंह की तैनाती शासन की ओर से की गई थी। डॉ. जेठा सिंह ने अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किया।
इसी लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी रूप से सीएमएस का पद ग्रहण करने के लिए संघर्ष होने लगा। नियमानुसार अस्पताल में तैनात सबसे वरिष्ठ चिकित्सक को यह प्रभार मिलना चाहिए था, लेकिन अस्पताल में तैनात सबसे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उमा शंकर के अस्वस्थ होने के कारण डॉ. एके उपाध्याय जो वरिष्ठता के क्रम में दूसरे स्थान पर है, उन्होंने प्रभार स्वयं ही ग्रहण कर लिया। वही दूसरी ओर चिकित्सकों के एक गुट व एक पूर्व विधायक के दबाव में अपर निदेशक स्वास्थ्य देवीपाटन मंडल ने एक कनिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम गोपाल को प्रभार सौंप दिया।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय में बुधवार को चिकित्सकों के दोनों गुट से दो सीएमएस कुर्सी पर अपना दावा प्रस्तुत कर रहे थे। इस दौरान पूरे दिन अस्पताल में अराजकता का माहौल रहा। ओपीडी तो हुई लेकिन गुटबाजी के कारण मरीजों को इस अस्थिरता का नुकसान उठाना पड़ा।
मामले में सीएमओ डॉ. एके भार्गव ने बताया कि अस्थाई रूप से सीएमएस की तैनाती अपर निदेशक स्तर पर की जाती है। वहां से डॉ. राम गोपाल को सीएमएस का प्रभार मिला है। इसमें सीएमओ का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। प्रभार देते समय वरिष्ठता के साथ कई अन्य बातों को भी देखा जाता है।
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