श्रावस्ती। तराई में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार रात आठ बजे से शनिवार सुबह 10 बजे तक तराई घने कोहरे की चादर में लिपटी रही। कोहरे के दौरान लगभग दो किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चली, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे व सर्द हवा के चलते न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री लुढ़क कर 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे कम रहा।
कोहरे की मार से सड़कों पर दृश्यता 40 मीटर से भी कम रह गई, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कई वाहनों को फॉग लाइटों के सहारे ही आगे बढ़ना पड़ा। भोर के समय वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहरे व पछुआ हवा के चलते सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति दिखी। जरूरी होने पर ही लोग घर से बाहर निकले। शनिवार को दिनभर गलन भरी ठंड से लोग जूझते रहे। ज्यादातर लोग अलाव के आसपास बैठे नजर आए। दोपहर दो बजे के बाद हल्की धूप निकली जरूर, लेकिन गलन के चलते बेदम साबित हुई।
कोहरे के दौरान वाहन चालक बरतें ये सावधानी
- वाहन की गति अत्यंत धीमी रखें और आगे चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
- आगे और पीछे की फॉग लाइट जला कर रखें, लेकिन हैवी बीम लाइट से बचें।
- वाहन के वाइपर, डी-फॉगर और फॉग लाइट्स की कार्यक्षमता जांच लें।
- टायर के प्रेशर और ब्रेक की स्थिति भी नियमित देखें।
- लंबे समय तक वाहन चलाने से बचें, बीच-बीच में विश्राम करें ताकि सतर्कता बनी रहे।
किसान करें फसल सुरक्षा के उपाय
- कोहरे के दौरान पाला गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में आलू में नमी बनाए रखें।
- सरसों की फसल पर वैज्ञानिकों से सलाह लेकर दवा का छिड़काव कर दें।
- गेहूं की सिंचाई करने से बचें और खेत में पानी जमा न होने दें।