बौद्ध परिपथ पर घने कोहरे के बीच स्कूल जाते छात्र। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर/वीरपुर। तराई लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी घने कोहरे की चपेट में रही। भोर से ही सड़कें, कस्बे, बाजार व खेत-खलिहान कोहरे की चादर में लिपटे नजर आए। सुबह के समय दृश्यता घट कर 40 मीटर पहुंच गई। इसका सीधा असर वाहनों की रफ्तार पर पड़ा और सुबह के समय ज्यादातर वाहन रेंगते नजर आए। 10 बजे के बाद गुनगुनी धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
तराई में बुधवार सुबह कोहरे की बूंदों ने घर से निकले हर व्यक्ति को ठिठुरने पर विवश कर दिया। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ी। बच्चे घने कोहरे के बीच ठिठुरते हुए स्कूल जाते दिखे। कोहरे का आलम ये रहा कि बाइक सवारों के जैकेट और स्वेटर भीग गए।
जरूरी कामों के लिए घर से निकले लोगों को कोहरे के चलते एक घंटे का सफर दो से तीन घंटे में तय करना पड़ा। भिनगा निवासी अधिवक्ता आशीष ने बताया कि उन्हें कुछ काम से इकौना जाना था, कोहरे के चलते उन्हें इकौना पहुंचने में डेढ़ घंटे लग गए, जबकि आधे घंटे का रास्ता है।