श्रावस्ती में शुक्रवार को सुबह छाया कोहरा।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व विगत दो दिनों से चल रही तेज पछुआ हवा के कारण तराई में मौसम का मिजाज ठंडा हो गया है। गुरुवार की देर शाम शुरू हुआ घने कोहरे का दौर शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जारी रहा। ऐसे में जहां लोग ठंड से बचने के लिए खुद को गर्म कपड़ों में समेटे रहे, वहीं कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। तराई व कछार क्षेत्र में लोग ठंड से निजात के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश हो गए हैं।
नवंबर का तीसरा सप्ताह समाप्त होने को है। इसके बावजूद अब तक जिले में मौसम पूरी तरह सामान्य बना हुआ था। गुरुवार से चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर हवा से मौसम का मिजाज अचानक ठंडा हो गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण शुक्रवार को मौसम का पारा लुढ़क कर न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं आर्द्रता 54 प्रतिशत होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है।
गुरुवार शाम शुरू हुआ घने कोहरे का दौर शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जारी रहा। घने कोहरे के कारण भिनगा से सिरसिया व ताल बघौड़ा जाने वाली आखिरी बस गुरुवार को नहीं गई। वहीं बहराइच से रात साढ़े दस बजे भिनगा पहुंचने वाली प्राईवेट बस साढ़े ग्यारह बजे के करीब भिनगा पहुंची। गुरुवार को सहालग होने के कारण बिना पूर्व तैयारी मांगलिक आयोजनों में शामिल होने गए लोग ठंड से बेहाल दिखे।
शुक्रवार सुबह नौ बजे तक घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाना पड़ा। अचानक बढ़ी ठंड से बचने के लिए नगरीय क्षेत्र में लोग जहां गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे। वहीं सिरसिया व जमुनहा के तराई क्षेत्र सहित राप्ती के कछार में बसे गांव के लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे। दिन में धूप निकलने के कारण मौसम कुछ घंटों के लिए सामान्य रहा, लेकिन शाम को कोहरे के कारण ठंड बरकरार रही।
किसान न करें इंतजार, शुरू करें गेहूं की बोआई
मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल है। जिन खेतों में धान कटा है। उस खेत की तत्काल जोताई कर दें। बेहतर होगा कि इसके लिए रोटावेटर का प्रयोग करें। इससे धान की फसल की जड़ें हरे खाद के रूप में इस्तेमाल होगी। किसान गेहूं का बीज अब डाल सकते हैं।
- आरपी राना, प्रभारी उप कृषि निदेशक