इकौना/सिरसिया (श्रावस्ती)। भारत-चीन सीमा स्थित एलएसी के गलवां घाटी में हुई घटना के विरोध में सोमवार को इकौना के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंका। वहीं सिरसिया के राधा कृष्ण मंदिर के सामने रविवार शाम भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका।
अधिवक्ता संघ इकौना के पूर्व अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने कहा कि चीन हमेशा से दोगलापन दिखाता रहा है। एक तरफ जहां उसके द्वारा सीमा विवाद सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ गलवां घाटी में वार्ता के बहाने भारतीय सैनिकों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया। हमले में हमारे बीस जवान शहीद हो गए। हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे जवानों ने वीरगति प्राप्त होने से पूर्व चीन को उसी की भाषा में सबक सिखा दिया।
पूर्व महामंत्री श्रीधर दूबे ने कहा कि देश व प्रदेश सहित जिले के लोगों को यह संकल्प लेना होगा कि चीन से आयातित सामान का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग का पुतला फूंककर चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने चीन के उत्पादों का पूर्ण बहिष्कार करने की शपथ भी ली।
वहीं सिरसिया के राधा कृष्ण मंदिर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष कुंवर चंद्र गुप्ता व जिला कार्यवाहक डॉ. रविशंकर के नेतृत्व में चीन के सैनिकों द्वारा धोखे से भारतीय जवानों पर हमला करने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग का पुतला फूंककर चीन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। इस मौके पर इकौना में अधिवक्ता रामकुमार शुक्ला, बंसराज शुक्ला, बुद्धिसागर कनौजिया, प्रभाकर त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, शब्बीर आलम नईमी, सुशील शुक्ला, पवन पाठक, ज्ञान वर्मा, हसमत हुसैन खान व भरत लाल मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।