श्रावस्ती। राजस्व वसूली से सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन करती है। इसलिए जिले के ईंट भट्ठा संचालक जिनकी रायल्टी अभी जमा नहीं हुई है, वह 30 नवंबर तक हर हाल में जमा करा दें। ऐसा संज्ञान में आया है कि कुछ ऐसे भट्ठा संचालक भी हैं जो बिना प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए भट्ठे का संचालन कर रहे हैं।
ऐसा करना नियम के विपरीत है। यदि एक सप्ताह में भट्ठा संचालक द्वारा संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर संचालन नहीं किया गया तो ऐसे भट्ठों को सूचीबद्ध कर उनके संचालन पर रोक लगा दी जाएगी।
यह बातें शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में भट्ठा संचालकों के साथ बैठक में जिलाधिकारी टीके शिबु ने कहीं। उन्होंने संचालकों से कहा कि भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर चाहे वह इस जिले के निवासी हों या कहीं अन्य प्रान्त से आये हों। उनको अपने परिवार के तरह ही भट्ठों पर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएं।
उनका समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। परीक्षण के दौरान यदि कोई भी मजदूर अस्वस्थ मिलता है तो उनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ उनके बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास करें।
भट्ठा पर मजदूरी करने वाली महिलाएं जो वहीं आशियाना बना कर रह रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर उनके आशियाने एवं उनके आसपास समुचित प्रकाश का प्रबंध किया जाए। भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं की सूची बनाकर संबंधित थानों को भी सुरक्षा के लिए दी जाए, जिससे मिशन शक्ति योजना से उन्हें जोड़ा जा सके। साथ ही उनके बीच जाकर उन्हें महिला सशक्तिकरण के संबंध में जागरूक किया जा सके।
एसपी अरविंद कुमार मौर्या ने कहा कि जो महिला मजदूर ईंट भट्ठों पर काम करती हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भट्ठा संचालकों की है। इसलिए उन्हें अपने परिवार की तरह ही सुरक्षा प्रदान करें। जिले में मिशन शक्ति कार्यक्रम चल रहा है। महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक कर उनके अधिकारों के बारे में उन्हें बताया जा रहा है।
उनकी सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। उनका किसी भी तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर एडीएम योगानंद पांडेय, एएसपी बीसी दुबे, एसडीएम आरपी चौधरी, खनन निरीक्षक चंद्र प्रकाश जायसवाल सहित सभी थाना प्रभारी, ईंट भट्ठा यूनियन के अध्यक्ष सहित कई भट्ठा संचालक मौजूद रहे।