श्रावस्ती। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाने के लिए विभाग की ओर से कक्षा नौ से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोचिंग देने की कवायद शुरू की गई है। इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के सिद्धांतों को सिखाया जाएगा।
माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए विभाग की ओर से खान अकादमी के सहयोग से सभी छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय के एक-एक शिक्षक को नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये शिक्षक छात्रों का पंजीकरण कराने से लेकर उनकी ऑनलाइन कक्षा तक की निगरानी करेंगे।
इस सुविधा से छात्रों को न सिर्फ गणित व विज्ञान की शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रौद्योगिकी व इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को भी सिखाया जाएगा। इससे संबंधित विषय को सीखने की छात्रों की अभिरुचि बढ़ेगी, साथ ही बेहतर तरीके से विषय को समझ भी पाएंगे।
राजकीय विद्यालयों में दो वर्ष पूर्व शुरू हुई थी व्यवस्था
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे राजकीय विद्यालय के छात्रों को गणित व विज्ञान विषय की शिक्षा देने के लिए लगभग दो वर्ष पूर्व ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके लिए सभी विद्यालयों में नोडल शिक्षकों के माध्यम से छात्रों का पंजीकरण कराते हुए उन्हें ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। हालांकि एंड्राइड मोबाइल न होने के कारण छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा में दिक्कत हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्माण कराकर उन्हें विद्यालय में ही कोचिंग का लाभ दिया जा रहा है। जीजीआईसी भिनगा की प्रधानाचार्या डॉ. एकता यादव ने बताया कि पंजीकृत छात्र जब चाहें, ऑनलाइन कक्षा का लाभ ले सकते हैं।
ऐसे मिलेगी सुविधा
एसटीईएम कार्यक्रम को विस्तार देते हुए सभी माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके लिए नोडल शिक्षक की ओर से पंजीकरण करते हुए छात्रों को आईडी व पासवर्ड मिल जाएगा। इसके बाद छात्र मोबाइल के माध्यम से कभी भी निशुल्क पढ़ सकते हैं। साथ ही विद्यालयों में बने स्मार्ट क्लॉस व आईसीटी लैब के माध्यम से कोचिंग भी पढ़ सकते हैं।
शिक्षक भी ले सकते हैं सहयोग
एआई आधारित खानमिगो टूल के माध्यम से शिक्षक अपने शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। हैंडबुक का प्रयोग कर शिक्षक शिक्षण कार्य की समस्याओं को सुलझा सकेंगे। साथ ही छात्रों को प्रतिमाह 120 मिनट तक खान अकादमी के पोर्टल पर शिक्षा ग्रहण करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। छात्र अपनी समस्याओं को व्हाट्सएप पर भी बताकर समाधान ले सकते हैं।
बेहतर होंगे परिणाम
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह व्यवस्था काफी कारगर होगी। ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से छात्र अपने बहुमूल्य समय का सदुपयोग कर सकेंगे। यह व्यवस्था जल्द ही सभी विद्यालयों में लागू की जाएगी।
-अजय कुमार गुप्ता, प्रभारी डीआईओएस