श्रावस्ती/गिरंट बाजार। तराई में चार दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने धान और मक्का की फसल को खेतों में बिछा दिया। जमुनहा, भिनगा और इकौना तहसील क्षेत्र में हजारों बीघा फसल प्रभावित हुई है। रविवार सुबह बारिश थमने के बाद किसान खेतों में नुकसान का आकलन करते नजर आए। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ है। कई खेतों में धान की फसल गिरने के साथ पानी भरा है, जिससे फसल सड़ने का खतरा है। वहीं, मक्का की बालियों में पानी भरने से अंकुरण होने की आशंका है। फसल बर्बाद होने की चिंता से किसान परेशान हैं।
मक्का किसानों का छलका दर्द
जमुनहा तहसील के खांसाहबपुरवा निवासी किसान मुजीबुर्ररहमान ने बताया कि लगातार बारिश से 20 बीघा मक्का गिर गया है। पानी भरा होने से बालियों में अंकुरण की संभावना है। पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। शासन-प्रशासन से मदद की उम्मीद है। नगईगांव निवासी बरसाती व अब्दुल सलाम ने बताया कि उनका पांच-पांच बीघा मक्का गिरा है। बलिदानपुरवा दक्षिणी निवासी निवासी दिनेश यादव ने बताया कि मक्के को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।
धान की फसलें खेत में बिछी
भारी बारिश ने धान के किसानों को भी गहरा दर्द दिया है। भिठिया चिचड़ी निवासी किसान कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी दो बीघा धान की फसल जमींदोज हो गई है। पानी भरा होने से धान की बालियों में सड़न व अंकुरण की संभावना है। किसान राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि उनका लगभग चार बीघा धान गिर गया है। वहीं, गांव निवासी लवकुश ने बताया कि उनकी दोनों धान व मक्के की फसल को नुकसान हुआ है। धान की फसल में फूल निकल रहे थे, तेज हवा में फूल गिरने से उपज घट जाएगी।
गिरी धान की फसल।
गिरी धान की फसल।