श्रावस्ती। तराई में विगत तीन दिनों से चल रही तेज धूल भरी पछुआ हवा के कारण ठंड बढ़ गई है। लगातार चल रही हवा के कारण खेतों की नमी भी तेजी से कम होने लगी है। इससे किसान परेशान हैं। करीब सोलह किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवा के कारण रात के तापमान में गिरावट आई है। दिन का तापमान भले ही सामान्य से अधिक हो लेकिन बर्फीली हवा के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद बर्फीली हवा के कारण धूप का खास अहसास नहीं हो पा रहा है। खेतों की नमी भी तेजी से कम हो रही है।
ऐसे में किसानों को गेहूं की फसल की दोबारा सिंचाई करनी पड़ सकती है। नमी कम हो जाने से पैदावार कम होने की चिंता भी सता रही है। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी डाॅ. अवधेश कुमार यादव बताते हैं कि खेत की नमी कम है तो हवा की रफ्तार कम होते ही सिंचाई कर दें। तेज हवा के बीच फसल की सिंचाई न करे। इससे फसल गिरने का खतरा रहता है। संवाद