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सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार

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श्रावस्ती। गिलौला थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी को पुलिस ने इकौना में ही गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ निकले सपा कार्यकर्ताओं को भी भिनगा पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में लाकर नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान एमएलसी ने सरकार व प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए।
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गिलौला थाने में शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में एक आरोपी की मौत हो गई थी। इस दौरान पीड़ित के परिवारीजनों ने थाना प्रभारी सहित कई अन्य पुलिस कर्मियों पर रिश्वत के लिए वाजिद अली की हत्या करने का आरोप लगाया था। इस मामले में एसपी ने थाना प्रभारी सहित तीन उप निरीक्षक व एक आरक्षी मुंशी तथा एक महिला आरक्षी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया था।
इसी मामले में पीड़ित परिवारीजनों से मिलने के लिए सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप शनिवार सुबह इकौना पहुंचे थे। उन्हें श्रावस्ती पुलिस ने पीड़ित के गांव से बीस किलोमीटर पहले ही इकौना तहसील के निकट इकौना तिराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर रोक लिया।
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इस दौरान पुलिस व प्रशासन उन पर वापस जाने का दबाव बनाने लगा लेकिन राजपाल कश्यप पीड़ित के गांव जाने की जिद पर अड़े रहे। इसे लेकर राजपाल कश्यप एवं सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से काफी देर तक झड़प होती रही।
पुलिस की कार्यशैली से आहत सपाइयों ने पुलिस एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान लगभग आधे घंटे तक पुलिस एवं सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
काफी जद्दोजहद के बाद भी जब राजपाल कश्यप आगे नहीं बढ़ सके तो पुलिस एवं सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ वहीं धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन गिरफ्तार कर भिनगा लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं के साथ नजरबंद कर दिया।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है। चारों तरफ आतंक का माहौल व जंगलराज है। योगी सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। स्थिति यह है कि पुलिस अभिरक्षा में ही लोगों की हत्या कर दी जा रही है।
गिलौला के मामले में पीड़ित को पुलिस एक सप्ताह तक थाने में बैठाए रखे थी जबकि 24 घंटे में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रावधान है लेकिन गिलौला पुलिस ने पीड़ित से जबरन उगाही के लिए उसे पीट-पीट कर मार डाला।
सपा इसका पुरजोर विरोध करेगी। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को पचास लाख रुपये व परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हैं। इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र विक्रम यादव, अशरफ खान व रामकुमार यादव सहित काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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