गंध कुटी में पूजा करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
श्रावस्ती। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को श्रीलंका से आए अनुयायियों के 30 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधि वृक्ष व गंध कुटी का दर्शन-पूजन किया। बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु ने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता, बुजुर्गों और गुरुजनों की अवहेलना करना है, वह समाज में निंदनीय होता है।
ऐसे लोग दूसरों का विश्वास खो देते हैं और संकट के समय स्वयं को अकेला पाते हैं। कृतघ्नता के कारण व्यक्ति इस जीवन में दुख भोगता है और अगले जन्मों में भी उत्तम फल से वंचित रह जाता है। जो व्यक्ति अपने उपकारों को भूल जाता है और अपने शुभचिंतकों के प्रति दुर्व्यवहार करता है, वह कभी भी दूसरों का विश्वासपात्र नहीं बन सकता।