श्रावस्ती। भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का पर्व जिले में सोमवार को जिले में परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस दौरान जहां बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा वहीं भाइयों ने भी बहनों के सुख दुख में सदैव उनके साथ रहने व उम्र भर सुरक्षा करने का वचन दिया।
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का पर्व जिले में सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बहनों ने व्रत रख भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांध कर उनके दीर्घायु होने की कामना की। इसके साथ ही भाइयों को मिठाई खिलाकर उनका मुंह भी मीठा कराया। वहीं भाइयों ने भी बहनों के सुख व दुख में सदैव उनके साथ रहने व उम्र भर सुरक्षा करने का वचन दिया।
इसके साथ भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किया। बहनों ने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधने के बाद जलपान किया। वहीं इस दौरान कई स्थानों पर पुरोहितों ने भी अपने अपने जजमानों के घर जाकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उनके हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें दीर्घायु होने का आशीर्वाद भी दिया। रक्षा बंधन पर बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चे सुबह से ही नए नए परिधान पहन कर रक्षा बंधन के मुहूर्त का इंतजार करते दिखे।
बसें रहीं नदारद, छोटे वाहनों में रही भीड़
जिले में सोमवार को मनाए गए रक्षाबंधन के पर्व पर वाहनों की कमी का असर दिखा। मुख्य मार्ग पर बसें नदारद रहीं। ऐसे में ज्यादातर बहनें यातायात के संसाधनों के अभाव में जहां अपने भाइयों के पास जाकर उन्हें रक्षा सूत्र बांधने से वंचित रहीं। वहीं भाई भी संसाधनों के अभाव में बहनों के घर नहीं पहुंच सके। वहीं बसों का संचालन न होने के कारण टैंपों, मैजिक आदि छोटे वाहनों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोग सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना करते दिखे।
पर्व पर दिखा भारत नेपाल के संबंधों में तनाव का असर
भारत नेपाल के बीच संबंधों में तनाव का असर रक्षाबंधन पर्व पर भी दिखा। इंडो नेपाल सीमा सील होने के कारण चंद कदमों की दूरी पर खड़ी बहने एसएसबी व नेपाल पुलिस की सख्ती के कारण अपने भाइयों के घर जाकर रक्षा सूत्र नहीं बांध सकीं। वहीं सीमा पर सख्ती के कारण भाई भी रक्षा सूत्र बंधवाने के लिए अपने बहनों के घर नहीं पहुंच सके। इससे भाइयों व बहनों के चेहरों पर मायूसी दिखी।