श्रावस्ती। इकौना के मनोहरापुर गांव के गोबार नाला पर पुल निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन की दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों की कई शिकायत के बाद भी स्थानीय विधायक सहित जिला प्रशासन के ध्यान न देने से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। लोग बांस बल्ली की मदद से नाला पार करते हैं।
इकौना विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत मनोहरापुर के मजरा पूर्वी गोबार में पहाड़ी नाला स्थित है। जो गांव को दो भागों में बांटता है, यह नाला राप्ती नदी से मिला है। इसके कारण यहां प्रत्येक मौसम में जल भराव की समस्या बनी रहती है। बरसात के समय में यह नाला विकराल रूप धारण कर लेता है। ऐसे में ग्रामीणों को पूर्वी गोबार व मनोहरापुर आने जाने के लिए तीन से चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता हैं। इकौना व भिनगा जाने के लिए ग्रामीणों को 20 से 25 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। गोबार, गांधीपुरवा, सोनेपुर, मटखनवा, लौकिहा, किड़िहौना, नारायनजोत व मलौना खसियारी सहित कई अन्य गांव के लोगों का इस पर आना जाना रहता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के ध्यान न देने पर ग्रामीणों ने खुद से प्रयास कर बांस व बल्ली बांध कर पुल बना दिया। जिसके सहारे ग्रामीण नाला पार कर रहे हैं।
समस्या से निजात के लिए ग्रामीणों द्वारा कई बार स्थानीय विधायक से मिलकर पुल निर्माण की मांग की गई। विधायक के आश्वासन के बाद यहां दो बार पुल निर्माण के लिए मिट्टी की जांच कराई गई। लेकिन मामला ज्यों का त्यों बना हुआ है। समस्या से निजात न मिलने के कारण स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने बताया कि नाले पर पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन से पैसा मिलने के बाद पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।