तराई में कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। साथ ही छुट्टा घूम रहे मवेशी व बगैर रिफ्लेक्टर फर्राटा भर रहे वाहन दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। आए दिन हो रहीं घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार इसे नजरअंदाज कर रहें हैं।
शाम से लेकर सुबह तक कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे जहां वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है वहीं आए दिन मार्ग दुर्घटनाएं भी घटित हो रहीं हैं। मार्ग की पटरियों पर बैठे छुट्टा गोवंश भी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। इसके अलावा मार्गों पर बगैर रिफ्लेक्टर खड़ीं व फर्राटा भर रहीं ट्रैक्टर ट्रालियां व अन्य वाहन भी दुर्घटना का सबब बन गए हैं। कोहरे के कारण सामने के वाहन की जानकारी नहीं हो पाती। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान के दौरान कार्रवाई न होने से मार्ग दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं।
बौद्ध परिपथ सहित जिले के कई प्रमुख मार्गों के किनारे गन्ना तौल केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी व डनलप आते हैं। उन्हें मार्ग के किनारे ही खड़ा किया जा रहा है। उनके आगे-पीछे न तो रिफ्लेक्टर लगाया गया है और न ही तौल केंद्र के आसपास संकेतांक लगाया गया है। ऐसे में घने कोहरे के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
बौद्ध परिपथ सहित जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर दौड़ने वाले तमाम ट्रक व चौपहिया वाहनों में कईं हैलोजन लाइटें लगाईं गईं हैं। ऐसे में कोहरे की वजह से सामने से कौन सा वाहन आ रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं हो पाती। जिससे आमने-सामने की टक्कर होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
वाहनों पर लगे हैलोजन लाइटों को हटवाने व सभी ट्रैक्टर ट्रालियों सहित गन्ना ढोने वाली बैल गाडिय़ों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया गया है। यदि कहीं कोई कमी है तो यातायात पुलिस को भेज कर रिफ्लेक्टर लगवाया जाएगा।
- प्रवीण कुमार यादव एएसपी संवाद