श्रावस्ती। सावन मास में भी धरती प्यासी है। किसी तरह जिन खेतों में धान की रोपाई हो गई। वहां भी पानी के अभाव में अब दरार पड़ने लगी है। बादलों के बिना बरसात लौटने के कारण किसान सूखे की संभावना को लेकर परेशान हैं।
सावन मास बीतने को है, इसके बावजूद जहां तराई में करीब 20 प्रतिशत किसान अभी अपने खेतों में धान की रोपाई नहीं कर सके हैं। वहीं कई दिनों से बरसात न होने के कारण असिंचित सिरसिया क्षेत्र के धान के खेतों में दरार पड़ने लगी है। जिन किसानों ने पंपिंग सेटों आदि के सहारे धान की रोपाई कर ली है, अब उनके सामने फसल को बचाए रखने का संकट गहराता जा रहा है। धान की रोपाई कर चुके किसान बरसात न होने के कारण अब तक उसमें यूरिया का छिड़काव नहीं कर सके। जिससे उनको पैदावार कम होने की चिंता सताने लगी है। किसान सूखे की संभावनाओं को लेकर चिंतित देखे जा रहे हैं। बादलों की लुकाछिपी के कारण बढ़ी उमस व चिपचिपाहट वाली गर्मी से जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। (संवाद)