श्रावस्ती। राशन कार्ड को लेकर अधिकारियों के पत्र से जनता में भ्रम की स्थिति बन गई। शासन स्तर पर अपात्र की स्थिति में राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा गया था। अधिकारियों ने पत्र जारी कर अपात्र होने पर राशन की रिकवरी बाजार दर पर करने का आदेश दिया। यहां तक कि रिकवरी की दर के लिए भी पत्र जारी किया गया।
राशन कार्ड को लेकर जनता में भय व भ्रम की स्थिति है। भय इस बात का है कि अपात्र होने पर अब तक लिए गए राशन की वसूली की जाएगी। भ्रम इस बात का है कि यदि जांच अधिकारी ने किसी कारण अपात्र करार दे दिया तो हजारों रुपये रिकवरी के नाम पर जमा करना होगा। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा लोग राशन कार्ड सरेंडर करने में लगे थे। जिले में 574 राशन कार्ड सरेंडर हो चुके हैं। इतनी ज्यादा संख्या में राशन कार्ड सरेंडर करने के पीछे वह अफवाह काम कर रही है जिसमें रिकवरी की बात कही गई। यह बात अलग है कि यह अफवाह जिले के अधिकारियों द्वारा जारी पत्र के माध्यम से फैलाई गई।
नौ सितंबर 2021 को सूचना विभाग द्वारा जिलापूर्ति अधिकारी दीपक कुमार का हवाला देते हुए एक पत्र जारी किया गया था। जिसमें अंतोदय व पात्र गृहस्थी के लिए निर्धारित मापदंड का उल्लेख करते हुए एक सप्ताह के अंदर अपात्र लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील व जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय में जमा करने को कहा गया था। यही नहीं सत्यापन के दौरान अपात्र कार्ड धारकों से खाद्यान्न प्राप्त करने के प्रारंभिक तिथि से लेकर वर्तमान तिथि तक प्राप्त किए गए सरकारी खाद्यान्न के सापेक्ष सरकार द्वारा निर्धारित लागत मूल्य गेहूं 24.09 तथा चावल 32.64 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से रिकवरी करने को कहा गया था। सूचना विभाग ने 15 मई 2022 को पुन: एक पत्र जारी किया।
इसमें डीएम नेहा प्रकाश की अध्यक्षता में राशन कार्ड धारकों के सत्यापन के संबंध में आयोजित बैठक का हवाला देते हुए कहा गया था कि डीएम ने बताया कि राशन कार्ड का सत्यापन कार्य प्रगति पर है। जिसके लिए ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी व लेखपाल के स्तर से पंचायत स्तर पर सत्यापन कार्य किया जा रहा है। डीएम ने राशन कार्ड धारकों से अपील किया था कि ऐसे राशन कार्ड धारक अपात्र हैं स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें। अन्यथा जांच में अपात्र पाए जाने पर उनसे सरकारी दर पर रिकवरी कराई जाएगी। इस तरह के कई पत्र जिले में जारी हुए। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों में डुग्गीमुनादी हुई। कि अपात्र अपना राशन कार्ड जमा कर दें, अन्यथा उनसे रिकवरी की जाएगी। इसी के बाद जिले में राशन कार्ड सरेंडर करने का दौर चल पड़ा। यह बात और है कि शासन स्तर पर राशन कार्ड के सत्यापन को लेकर जारी किया गया था। इस पत्र में राशन कार्ड धारकों का मानक तय किया गया था। लेकिन जिले स्तर पर रिकवरी पर जोर देकर भय व भ्रम का वातावरण अधिकारियों द्वारा बना दिया गया।