श्रावस्ती। तराई में मंगलवार तीसरे दिन भी मौसम मेहरबान रहा। मानसूनी मेघ रुक रुक कर खूब बरसे। इससे न सिर्फ जेठ की तपिश व गर्मी से लोगो को राहत मिली वरन किसानों के चेहरों पर मुस्कान दिखने लगी। खेतों में पर्याप्त पानी पाकर सिरसिया सहित जिले के कई क्षेत्रों में किसान किसान धान की नर्सरी लगाने में जुट गए हैं। दूसरी तरफ निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी जमा हो जाने से कई इलाकों में हुए जलभराव ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
जिले में रविवार से शुरू हुई बरसात मंगलवार को भी जारी रही। बरसात के कारण खेतों में लगी मेंथा, गन्ना, आम सहित जायद की फसलों को काफी फायदा मिला। वहीं लतादार सब्जियों की पैदावार से जुड़े किसानों के लिए यह बारिश नुकसान पहुंचाने वाली रही। कभी रिमझिम तो कभी तेज बरसात के कारण भिनगा व इकौना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इसके कारण लोगों को आवागमन में काफी दुश्वारी भी झेलनी पड़ी। जिला कृषि अधिकारी ओपी राना ने बताया कि जिले में धान की अच्छी पैदावार होती है। सिरसिया क्षेत्र असिंचित होने के कारण यहां ज्यादातर किसान बरसात पर निर्भर हैं। ऐसे में इस बरसात से असिंचित क्षेत्र के किसानों को लाभ होगा। इसके साथ ही इस पानी से खरीफ की दलहन, मक्का को भी फायदा होगा। किसानों के लिए यह पानी अमृत के समान है।
श्रावस्ती। बरसात के कारण नेपाल के पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इससे राप्ती की कछार में बसे गांवों मे बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए ही प्रशासन ने किसी भी तरह की आपदा से निपटने की कवायद भी तेज कर दी है। जिलाधिकारी टीके शिबु के निर्देश पर जिले में बाढ़ एवं अन्य आपदाओं के प्रबंधन एवं सूचनाओं के त्वरित आदान प्रदान के लिए 24 घंटे क्रियाशील रहने वाला कंट्रोल रूम भी कलेक्टेट में संचालित किया गया है। यह जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने बताया कि यहां तैनात कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर नदी के जलस्तर में होने वाली वृद्धि से जुड़ी सूचनाओं को पंजिका में दर्ज करके प्राप्त सूचनाओं से प्रभारी अधिकारी कंट्रोल रूम को अवगत कराएंगे। कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 9454417485 व 9454417486 है। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में डिप्टी कलेक्टर शिवध्यान पांडे को तैनात किया गया है। बाढ़ के संबंध में आवश्यक जानकारी व सूचना तहसीलदार भिनगा (9454416092), तहसीलदार इकौना (9454416093) एवं तहसीलदार जमुनहा (9454416095) के सीयूजी नंबर पर भी दी जा सकती है।
श्रावस्ती। तीन दिन से लगातार हो रही बरसात से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालाकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी के जल स्तर पर निगाह रखते हुए सुरक्षित स्थान तलाशने की सलाह दी है।
मानसून की आमद के साथ ही बीते तीन दिन से हो रही बरसात का असर पहाड़ों पर भी हो रहा है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात का पानी सीधे राप्ती नदी में आ रहा है। इसके चलते राप्ती नदी का जलस्तार बीते दो दिनों से धीरे धीरे बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह 10 बजे श्रावस्ती के राप्ती बैराज पर मापे गए जल स्तर में राप्ती 127.35 मीटर पर बह रही है। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर पर है। ऐसे में देखा जाए तो 0.35 मीटर ही अब नदी खतरे के निशान पर पहुंचने से बची है। मौजूदा समय में यहां पानी का डिस्चार्ज रेट 28609 क्यूसेक है। ऐसे में देखा जाए तो बहाव की स्थिति भी तेज है। जिसके चलते आसपास खतरे की संभावना बढ़ गई है। इसको देखते हुए ही मौसम विभाग ने जिले के लिए अलर्ट जारी कर नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले ग्रामीण को समय रहते अपने लिए सुरिक्षत स्थान तलाश लेने की सलाह भी दी है ताकि अचानक बाढ़ की चपेट में आने से बचा जा सके। यह अलर्ट राप्ती किनारे बसे बस्ती, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व सिद्धार्थनगर सहित कई अन्य जिलों के लिए भी जारी किया गया है।
इस संबंध में एडीएम योगानंद पांडे बताते हैं कि बरसात के कारण राप्ती नदी में जल स्तर थोड़ा बढ़ा है। सुबह 8 बजे राप्ती बैराज पर जल स्तर 127.40 मीटर था। लेकिन 10 बजे घट कर 127.35 मीटर हो गया है। प्रशासन लगातार राप्ती के जल स्तर पर निगाह बनाए हुए है। यदि बाढ़ की स्थिति आती है तो तत्काल कार्रवाई के लिए प्रशासन तैयार है।