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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए कोर कमेटी का मन परखने आए सांसद

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श्रावस्ती। जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम भाजपा घोषित करे, इससे पहले रविवार को कैसरगंज सांसद कोर कमेटी के सदस्यों का मन लेने भिनगा आए। कोर कमेटी के सदस्यों से अलग-अलग मिल कर उनकी राय जानी। वहीं, भाजपा के समर्थन से लड़ने वाले उम्मीदवार व उनके समर्थकों की भीड़ बाहर जमा रही। कैसरगंज सांसद को मंडल के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को जिताने की जिम्मेदारी पार्टी ने सौंपी है।
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पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों को मुंह की खानी पड़ी। कई धुरंधर जिले में चुनाव हार गए। आलम यह है कि 22 जिला पंचायत सदस्यों में से मात्र चार ही भाजपा समर्थन से जीत कर आए हैं। इसके अतिरिक्त तीन अल्पसंख्यक समुदाय, पांच यादव व दो कुर्मी जाति के साथ अवशेष अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। समाजवादी पार्टी का दावा है कि भले ही पार्टी ने जिला पंचायत चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवार न उतारा हो, लेकिन पार्टी ने सभी कार्यकर्ताओं को अपनी सुविधानुसार चुनाव लड़कर आने की छूट दी थी। ऐसे में यदि जातीय समीकरण व पार्टी पदाधिकारियों में देखा जाए तो सपा की ओर से 11 उम्मीदवार जीत कर आए हैं। जीत के लिए उन्हें मात्र बारह यानी एक अतिरिक्त सदस्य की आवश्यकता है।
यह समीकरण भाजपा की नींद पहले ही उड़ा चुका है, लेकिन भाजपा यह चाहती है कि यदि पार्टी के पास जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपने कैडर के प्रत्याशी न भी हों तो वह सक्षम व टिकाऊ व्यक्ति को चुनाव लड़ा सकती है। इसी संभावना को जीत में बदलने के लिए कैसरगंज सांसद व राष्ट्रीय कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का मंडलीय प्रभारी बनाया गया है।
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वह किसी भी तरह भाजपा उम्मीदवार को जीत दिलाएं। रविवार को भिनगा के शिवालिक महाविद्यालय में उन्होंने जिले में भाजपा की कोर कमेटी में शामिल विधायक श्रावस्ती राम फेरन पांडे, जिलाध्यक्ष संजय कैराती पटेल, जिला महामंत्री दिवाकर शुक्ल व पंचायत चुनाव प्रभारी शंकर दयाल पांडे के साथ अलग-अलग बैठ कर भाजपा समर्पित संभावित प्रत्याशी पर राय जानी। इस दौरान जब तक कोर कमेटी की एकांत बैठक चली तब तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों के साथ उनके समर्थकों की भारी भीड़ स्कूल कैंपस में जमा रही। हर कोई बैठक के अंदर के रुझान को जानने के लिए प्रयासरत रहा।
भाजपा के समर्थन से भले ही केवल चार जिला पंचायत सदस्य चुन कर आए हों, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या भी चार पहुंच चुकी है। इनमें देव प्रताप सिंह, पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, महामंत्री रणबीर सिंह की पुत्रवधु अंशू सिंह व दो बार के जिला पंचायत सदस्य रह चुके मोल्हु राम राजभर की पत्नी गायत्री देवी का नाम शामिल है। मोल्हु राम राजभर की पत्नी गायत्ररी देवी ने अपना आवेदन सांसद कैसरगंज के सामने प्रस्तुत किया था जबकि तीन अन्य द्वारा आवेदन पत्र पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिनके नामों पर अभी निर्णय होना बाकी है।
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