श्रावस्ती। बहराइच के नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत महलिया निवासी शीबा उर्फ सना का नया ठिकाना फिलहाल वन स्टाॅप सेंटर है। सोमवार को न्यायालय खुलने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि शीबा अब कहां जाएगी। मासूम शीबा के एक नहीं तीन दावेदार हैं।
पारिवारिक विवाद व गलतियों का खामियाजा छह साल की शीबा भुगत रही है। उसे यह भी नहीं पता कि वह बहराइच के नबाबगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पीर नसरुद्दीन रामनगर सेमरा के मजरा महलिया निवासी बड़का की पुत्री है। बड़का ने जन्म के दिन ही उसे सोनवा क्षेत्र के चंदर्खा बुजुर्ग निवासी अपनी भाभी सकीना को सौंप दिया था। एक साल बाद सकीना ने शीबा को अपने भाई हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र के मानूडीह निवासी फिरोज खान की पत्नी को सौंप दिया। शीबा फिरोज को ही अपना पिता व उसकी पत्नी को अपनी मां जानती है।
अब बड़का शीबा को वापस अपनाना चाहती है। यह विवाद जब थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने मासूम को वन स्टॉप सेंटर भिनगा भेज दिया है। यह उसका फिलहाल नया ठिकाना है। इस पर फैसला सोमवार को होगा कि शीबा को आगे कहां जाना है। न्यायालय का फैसला कुछ भी हो, लेकिन उस मासूम की क्या गलती, यदि उसे प्राकृतिक माता पिता को सौंपा गया तो मासूम जिसे अपनी मां मानती है उससे बिछड़ना होगा।
इस बारे में थानाध्यक्ष सोनवा गणनाथ प्रसाद का कहना है कि शीबा को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। उसे न्यायालय ले जाया जाएगा, न्यायालय से ही तय होगा कि अब उसे कहां जाना है।