श्रावस्ती। वर्ष 2020 में गश्त पर निकली वन विभाग की टीम पर कुल्हाड़ी व लोहे के राड से हमला करने के सात दोषियों को शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अवनीश गौतम के समक्ष पेश किया गया। दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने सभी को दोषी करार देते हुए दो को पांच-पांच साल और पांच को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।
ककरदरी रेंज के वन दरोगा मालिकराम 17 दिसंबर 2020 की सुबह साथी बृजलाल, रामगौतम विश्वकर्मा, अखिलेश कुमार सिंह, रामचंद्र मौर्य, अशोक कुमार सिंह, वनरक्षक विपिन कुमार, शेषमणि मिश्रा व माली सालिकराम की टीम के साथ गश्त पर निकले थे।
कक्ष संख्या- 16 में गश्त के दौरान भिनगा क्षेत्र के जानकीनगर निवासी सलीम उर्फ कुद्दू, मंगल, राम प्रताप यादव, अजय कुमार, राजू, संतोष कुमार, कुन्ने उर्फ अभिमन्यु, रामपाल, सुशील, राकेश उर्फ मम्मद, नीरज, ननकने खान व रामदीन ने उन पर हमला कर दिया।
राम प्रताप ने वनरक्षक शिव प्रसाद पर लोहे का राड व मंगल ने वनदरोगा मालिकराम पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। साथ में मौजूद अन्य हमलावरों ने लोहे की राड व लाठी से सभी वनकर्मियों पर धावा बोल दिया। हमले में वनकर्मियों की वर्दी फट गई और सरकारी बाइक भी टूट गई।
हमराह वनकर्मी के आने पर आरोपी भागने लगे। वनकर्मियों ने दौड़ाकर मंगल व राकेश को मौके से पकड़ लिया। हमले के बाद वनरक्षक शिवप्रसाद ने सभी हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अवनीश गौतम के समक्ष पेश किया।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सलीम व मंगल को पांच-पांच वर्ष के साधारण कारावास व 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं राजू, राकेश, राम प्रताप यादव, अजय कुमार व सुशील को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास व तीन-तीन हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर सभी को 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।