श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बीते दिन शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। न्यायालय परिसर सहित कलेक्ट्रेट व तहसील मुख्यालयों पर आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के 21 वादों सहित कुल 1705 मामलों का निस्तारण किया गया। व्यवहार न्यायालय परिसर भिनगा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी टीके शिबु सहित तहसीलों में उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। इस दौरान जनपद न्यायाधीश द्वारा क्रिमिनल मिसलीनियस के दो वाद निस्तारित कर एक हजार रुपये का जुर्माना किया गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय के पीठासीन अधिकारी कृपाशंकर शर्मा ने क्रिमिनल के चार वाद तथा पारिवारिक वाद के तीन मामले सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदामा प्रसाद ने विद्युत के 72 एफआर मामले, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी उमेश कुमार द्वितीय ने क्रिमिनल कंपान्उडेबल के 110 मामले, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो, अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा 05 मामले, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय 14वां वित्त आयोग अजय सिंह द्वारा 02 क्रिमिनल मामले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रे्ट शीतला प्रसाद द्वारा लघु अपराधिक के 691 वाद, न्यायालय सिविल जज प्रवर खंड मृत्युंजय श्रीवास्तव ने फौजदारी के 95 वाद और एक सिविल वाद भी निस्तारित किया।
सिविल जज ग्राम न्यायालय इकौना बृजेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने लघु आपराधिक के 81 मामले, सिविल जज अवर खंड प्रभात सिंह ने सिविल के 04 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल उपाध्याय ने 19 वाद, अपर सिविल जज अवर खंड शुभम द्विवेदी ने लघु आपराधिक के 15 वाद और एक सिविल वाद निस्तारित किया। सिविल जज अवर खंड त्वरित न्यायलय असगर अली ने लघु आपराधिक के 22 वाद, कलेक्ट्रेट के अधीन विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा 303 वाद निस्तारित किए गए। प्री-लिटिगेशन वादों में इलेक्ट्रिसिटी बिल से संबंधित 554 वाद निस्तारित कर सेटेलमेंट किया गया। इसके साथ ही 05 वाद जलकर के व विद्युत के 61 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक के द्वारा प्री-लिटिगेशन के 289 वाद, अन्य कंपाउंडेबल प्रकृति के 1292 वाद निस्तारित किये गये। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 695 वादों का निस्तारण किया गया।