श्रावस्ती। जिले के सभी तीन स्क्रीनिंग सेंटरों पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर गैर प्रांतों व महानगरों से आ रहे हैं। इनकी स्क्रीनिंग के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। इससे श्रमिकों को चिलचिलाती धूप व गर्मी के बीच स्क्रीनिंग के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
इसका खुलासा मंगलवार को डीएम व सीडीओ के निरीक्षण में हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने मौके से ही सीएमओ को फोन कर तत्काल स्टाफ बढ़ाने का निर्देश दिया। जमुनहा के सेठ प्रभुदास निरंजन मेमोरियल इंटर कॉलेज नासिरगंज को स्क्रीनिंग सेंटर बनाया गया है।
इसका मंगलवार को डीएम यशु रुस्तगी ने सीडीओ अवनीश राय के साथ जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यहां आए प्रवासियों से मिल कर उनका हाल जाना। इस दौरान डीएम ने देखा कि स्क्रीनिंग सेंटर पर प्रवासियों की संख्या काफी अधिक है। जबकि उनकी स्क्रीनिंग के लिए मात्र एक टीम ही मौजूद है।
इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने मौके से ही सीएमओ को फोन कर तत्काल और स्क्रीनिंग टीम भेजने का निर्देश दिया। वहीं मौके पर मौजूद तहसीलदार जमुनहा को साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने, बरामदों व कमरों में प्रत्येक दो घंटे के बाद झाड़ू व पोछा अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया।
साथ ही यहां आने वाले प्रवासियों का पूरा ब्योरा दर्ज कर उन्हें भोजन कराने तथा राशन किट देने के बाद ही उन्हें घर भेजने का निर्देश दिया। मौजूद प्रवासियों को डीएम ने 21 दिनों तक अपने घरों में अलग वास करने, अपने कपड़े व भोजन के बर्तन को स्वयं धोने तथा सामाजिक दूरी का पालन करने एवं स्वयं व परिवार के सभी सदस्यों को मास्क अथवा मास्क के स्थान पर गमछा, दुपट्टा, रूमाल का उपयोग करने का निर्देश दिया।
इसके बाद डीएम व सीडीओ ने कोविड-19 भगंहा में संक्रमितों का इलाज कर रहें चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ जो यहां पर आवासित है उनका भी हाल जाना। इसके बाद उनके द्वारा गिरंट बाजार पहुंच कर होम क्वारंटीन लोगों का हाल जाना। लौटते समय उन्होंने एल वन अस्पताल भंगहा का जायजा लिया।