राजापुर पुरैना से बेगमपुर बघमरी जाने वाली सड़क जर्जर। -संवाद
श्रावस्ती। तराई में सैकड़ों सड़कें खस्ताहाल हैं। कस्बों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें हों या फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें, सभी पर गड्ढों की भरमार है। गड्ढों के साथ-साथ सड़कों पर बजड़ियां भी बिखरी पड़ी हैं, जो गड्ढो से ज्यादा घातक साबित हो रही हैं। कई जगहों पर तो सड़क पर सिर्फ पत्थर व बजड़ियां ही बची हैं। गड्ढों व बजड़ियों के कारण प्रतिदिन सैकड़ों बाइक व साइकिल सवार गिर कर घायल होते रहते हैं। विभागीय जिम्मेदार बजट की कमी का हवाला देकर बचने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सड़कों के नवीनीकरण के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये का बजट दिया जा चुका है। प्रस्तुत है पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट...
जमुनहा क्षेत्र में राजापुर पुरैना से नवाबगंज मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर गड्ढों की भरमार है। जगह-जगह बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं। ऐसा तब है जब इस मार्ग से राजापुर पुरैना, हट्ठू गांव, बेगमपुर बघमरी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग आवागमन करते हैं। ग्रामीण साकिर बेग, हकीम व जुनैद आदि ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं और बजड़ियों के चलते लोग फिसल कर घायल हो जाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार इस सड़क के निर्माण की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
सिरसिया विकासखंड में सिरसिया से तुलसीपुर जाने वाली सड़क और बालापुर तिराहा से सोनपथरी आश्रम जाने वाली सड़क भी जर्जर हो गई है। सड़क के किनारे कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यही नहीं, कई मोड़ों पर सड़क पर बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं, जिसके चलते लोग हादसे का शिकार होते रहते हैं। राहगीर जनार्दन प्रसाद व श्यामू मिश्रा आदि ने बताया कि इसी मार्ग से सैकड़ों लोग सोनपथरी आश्रम जाते हैं और ज्यादातर लोग गड्ढों के चलते गिरकर घायल हो जाते हैं।
सिरसिया विकासखंड में थारू बहुल गांव भचकाही के पास स्थित सड़क पर डामर के नाम पर सिर्फ पत्थर बचे हैं। सड़क के दोनों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। ऐसा तब है, जब इस मार्ग से बीरपुर व बगही गांव के बच्चे स्कूल जाते हैं। सड़क की खस्ताहाली व झाड़ियों के चलते छोटे-छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मवीर व सकटू आदि ने बताया कि झाड़ियों के चलते बच्चों पर कुत्ते, सियार आदि के हमले की भी आशंका बनी रहती है।