श्रावस्ती। तराई में विगत दिनों हुई मूसलाधार बरसात के बाद मुश्किलें अब भी बरकरार है। तेज बरसात के कारण मार्ग पर हुए जलभराव व मार्ग कटने के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर व तालब घौड़ा मार्ग पर आवागमन अब भी प्रभावित है। वहीं जगह जगह मार्ग की पटरियां व पुल के अप्रोच कटने से दुर्घटना की संभावना भी बढ़ी है। जिनकी अब तक मरम्मत न कराने के कारण कभी किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
जिले में शनिवार रात आसमान से बरसात के रूप में आफत बरसी। मध्य रात के करीब शुरू हुई मूसलाधार बरसात रविवार दोपहर बाद तक जारी रही। इससे पहाड़ी नाले उफान पर आ गए। जिनके तेज बहाव के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर, बेचईपुरवा लक्ष्मनपुर, तेंदुआ रतनपुर व भिनगा सिरसिया मार्ग पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई।
मार्ग पर तेज बहाव के कारण लक्ष्मनपुर भिनगा व बेचईपुरवा मार्ग कई स्थान पर कट गया था। जिससे इन दोनों मार्ग पर आवागमन अब भी प्रभावित है। वहीं फोरलेन, बौद्ध परिपथ सहित सेमरी, परसा, बदला सहित जमुनहा बहराइच व भंगहा मल्हीपुर मार्ग पर कई जगह मार्ग की पटरियां व पुल के एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गए। सिसे वाहनों के पलटने का खतरा उत्पन्न है। जिनकी अब तक मरम्मत न कराए जाने के कारण लोगों की दुश्वारियां बरकरार है।
भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पहली बार नहीं कटा। विगत वर्ष आई बाढ़ में भी यह मार्ग रेहली गांव के निकट पूरी तरह से कट गया था। इस पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने न सिर्फ प्रदर्शन किया। बल्कि जेसीब मंगवाकर मार्ग भी पाटा गया था। तब जाकर आवागमन बहाल हो सका था।
वहीं जमुनहा बहराइच मार्ग पर उल्टहवा पुल व बहोरवा के कुशबंधियनपुरवा के निकट पुल का एप्रोच भी प्रतिवर्ष कटता रहता है। जिसकी कई माह तक मरम्मत न होने से कई लोग दुर्घटना के शिकार हुए। यहां कई बार प्राईवेट बस भी पलट चुकी है। वहीं तेंदुआ रतनपुर गांव के निकट केन नाले का पुल नीचा होने के कारण प्रतिवर्ष बरसात में डूबता रहता है। जिससे हफ्तों आवागमन बाधित रहता है।
एडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि इन सभी मार्ग की समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता को स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के लिए निर्देशित किया जाएगा। साथ ही डीएम के माध्यम से सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र भी लिखा जाएगा। जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं क्षतिग्रस्त मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन बहाल कराने का निर्देश दिया जा चुका है।