श्रावस्ती। जिले में विगत दो दिनों से बारिश थमीं हुई है। इससे मौसम पूरी तरह सामान्य हो गया है। इसके साथ ही राप्ती सहित पहाड़ी नालों का जलस्तर भी धीरे धीरे कम हो रहा है। ऐसे में घटते जलस्तर के साथ राप्ती की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही हैं।
वहीं राप्ती सहित पहाड़ी नालों की ओर से छोड़े गए तबाही के निशान अब भी लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वहीं जगह जगह कीचड़ व जलभराव से अधिकांश क्षेत्रों में बुखार व संक्रामक रोगों का कहर शुरू हो गया है। अस्पताल आने वाला हर तीसरा आदमी इससे पीड़ित है।
तराई में आए दिन हो रही बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर बढ़-घट रहा था। जिले में नदी के खतरे का निशान पार कर जाने के कारण जमुनहा, हरिहरपुररानी, गिलौला व इकौना क्षेत्र के कछार में बसे करीब 86 गांवों में बाढ़ व कटान शुरू हो गई थी।
बाढ़ का पानी भरने व जगह जगह संपर्क मार्ग कट जाने के कारण कछार के 42 गांव पूरी तरह टापू बन गए थे। जहां अब घटते जलस्तर के साथ लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इन गांवों में आने जाने वाले मार्ग अब भी जलमग्न हैं।
मनकौरा, कुंडा, मध्यनगरा, परसोहना, रतैहिया, अकालपुरवा, परसोहनी, लोखडिय़न पुरवा, भगवानपुर, दमोदरा, चनैनी, सेमरी तरहर, नव्वा नेवादा, हरिहरपुर, बनघुसरा मोड़, भंगहा, मधवापुर्र, गोड़धोई, अंधरपुरवा, भोजपुर आदि संपर्क मार्ग कटने व जलभराव के कारण इन पर आवागमन बाधित है।
शुरू तो कहीं ठप वाहनों का संचालन
भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग रेहली गांव के निकट कटा हुआ है। इस पर ईंट के रोड़े डाल देने से पैदल आवागमन बहाल हो गया है। बाइक सहित चौपहिया व भारी वाहनों का आवागमन अब भी बाधित है।
वहीं भिनगा तालबघौड़ा मार्ग पर तेदुआ रतनपुर गांव के निकट केन नाला पुल का जलस्तर घट जाने से आवागमन सामान्य हो गया है। उधर भिनगा इकौना मार्ग पर भी अब आवागमन धीरे धीरे सामान्य होने लगा हैं। भंगहा तिलकपुर, भंगहा मल्हीपुर मार्ग पर अब भी आवागमन बाधित है।
96 स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित
प्राथमिक विद्यालय भिनगा द्वितीय, गौहनिया, रामगढ़ी, मध्यनगर, सोहनिया, कोडऱीखुर्द, केरवनिया, कोलाभार मजगवा, कोडऱी दीगर, कसियापुर, नारायनपुर, लैबुड़वा, चिचड़ी, डिुंगुराजोत, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया, खरगौराबस्ती, मनोहरापुर, मुजहनिया, भोजपुर, दहावरकला, कोडऱी केवट, मनिकौरा कोडऱी, भुतहा, चक्रभंडार, खरगूपुर, मोहम्मदपुर राजा, अमवा, अंधरपुरवा, इमलिया, महरौली, भोजुपर, शिवाजोत सहित 96 स्कूलों में अब भी बाढ़ व बरसात का पानी भरा है। इससे इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित है।
नहीं कम हुई कीचड़ व जलभराव की समस्या
भिनगा बहराइच मुख्यमार्ग पर खैरी मोड़, खरगौरा मोड़, मंगलभट्ठा, पुरानी बाजार, खलवा बाजार, इंटर कॉलेज मार्ग, सब्जी मंडी, पानी टंकी मार्ग, भिनगा तहसील परिसर, कृषि भवन, पुलिस लाइंस परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर के निकट सहित कई अन्य स्थलों पर अब भी कीचड़ व जलभराव है।
जिससे उठने वाली दुर्गंध व मच्छरों के प्रकोप के कारण स्थानीय लोगों को संक्रामक रोगों का खतरा सताने लगा है। इसके बावजूद नगर पालिका परिषद भिनगा व स्वास्थ्य विभाग ने न तो अब तक फागिंग कराई है, और न ही दवा का छिड़काव कराया है।
बढ़ा वायरल का प्रकोप
जिले में विगत एक सप्ताह से वायरल फीवर का प्रकोप है। इसके चलते मरीज सिर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम व बुखार, पेट दर्द, उल्टी व दर्द से पीड़ित हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित निजी चिकित्सकों के यहां आने वाला हर तीसरा मरीज वायरल फीवर व हर दसवां मरीज डिहाईड्रेशन अथवा डायरिया से पीड़ित है। इससे बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र व परिवारों में दवा का वितरण नहीं कराया गया है।
नमी पाकर गिरने लगी कच्ची दीवार
एक पखवारे तक हुई बरसात के बाद विगत दो दिनों से निकलने वाली धूप के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची दीवार गिरने लगी है। धूप निकलने के बाद मटखनवा में हरिशचंद्र गुप्ता के राईश मिल की पश्चिमी दीवार ढह गई। वहीं सिरसिया के आसमान सिंह टिटिहिरिया गांव में राम सनेही की दीवार गिर गई।
बाढ़ व बरसात के बाद उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए सभी राजस्व लेखपाल, ग्राम सचिव व वीडीओ सहित सफाई कर्मियों, एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देशित किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि कहीं कोई समस्या है तो पीड़ित संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या बताएं। उसका निराकरण किया जाएगा।
- योगानंद पांडेय, एडीएम