श्रावस्ती। नेपाल सहित पहाड़ों व जिले में गुरुवार को पांचवें दिन भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे बाढ़ की आशंका को लेकर कछार वासियों की धड़कने तेज हो गई। हालांकि दोपहर बाद नदी में फिर से पानी घटने लगा।
लगातार बरसात के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर व भिनगा तालबघौढ़ा मार्ग पर पानी बहने से लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। वहीं दिकौली नहर, उल्टहवा पुल सहित कई अन्य स्थान पर मार्ग व पुल का अप्रोच धंसने के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। नगर सहित ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
नेपाल सहित पहाड़ों व जिले में गुरुवार को भी रुक रुक कर बरसात जारी रही। लगातार बरसात के कारण पहाड़ी नालों सहित राप्ती भी उफान पर है। जमुनहा के राप्ती बैराज पर गुरुवार सुबह छह बजे राप्ती का जलस्तर 127.60 सेंटीमीटर नापा गया। जो 10 बजे खतरे के निशान 127.70 मीटर को पार कर गया। 11 बजे जलस्तर 127.75 सेंटीमीटर पर पहुंचने पर बैराज से 36025 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
इससे जमुनहा, हरिहरपुररानी, गिलौला व इकौना क्षेत्र में राप्ती के कछार में बसे करीब 114 गांवों के ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश में 13 जुलाई तक भारी बरसात होने का अलर्ट जारी किया है। इससे कछार में बसे गांवों में रहने वाले लोग बाढ़ व कटान का खतरा देखते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अपनों से संपर्क कर रहे हैं।
वहीं लगातार बरसात के कारण पहाड़ी नाले भी उफान पर हैं। इससे भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर रेहली गांव के निकट जंगल का पानी मार्ग पर बह रहा है। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित है। भिनगा जंगल के केन नाले का पानी मार्ग पर आने से देर रात तक तेंदुआ रतनपुर मार्ग पर भी आवागमन बाधित हो सकता है।
भिनगा बहराइच फारेलेन पर दिकौली नहर स्थित पुल व जमुनहा बहराइच मार्ग पर उल्टहवा पुल का अप्रोच धस गया है। इससे मार्ग पर वाहनों के पलटने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं कई अन्य मार्गों पर पटरियों की मिट्टी बह जाने व मार्ग धंस जाने से दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है।
मधवापुर घाट के निकट कट रहा बांध
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के मधवापुर घाट के निकट बना बांध तेजी से कट रहा है। यहां राप्ती अपनी धारा बदल रही है। यदि नदी ने धारा बदली तो पुल निष्प्रयोजय हो जाएगा। वहीं धारा बदलने के कारण नदी तेजी से कटान करते हुए मल्हीपुर भंगहा मार्ग की ओर बढ़ रही है। मार्ग से नदी मात्र पचास मीटर ही दूर रह गई है।
यदि इस पर तत्काल ध्यान न दिया गया तो मार्ग कभी भी कट सकता है। यदि ऐसा हुआ तो इससे कछार में बसे गंगा भागड़, बेलरी, कथरा माफी, गजोबरी, मोहनपुर, भरथा, बीरपुर लौकिहा, पिपरहवा, शिकारी चौड़ा, हरिहरपुर महाराजनगर, लहौर कला, जोगिया , शमशेरगढ़, लक्ष्मणपुर सेमरहनिया, पोंदिला, पोंदली, दुर्गापुरवा, सर्रा, अशरफ नगर, बादल पुरवा, शाहपुर कला आदि गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता।
ऐसे में गुरुवार प्रभारी निरीक्षक मल्हीपुर देवेंद्र पांडेय ने इन गांवों में पहुंचकर लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। इससे संबंधित समाचार अमर उजाला ने अपने 18 फरवरी 2019 के अंक में सचित्र प्रकाशित किया था। इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेता। इससे तटबंध के कटान का खतरा काफी बढ़ चुका है।
तालाब बने कार्यालय, जलभराव से परेशानी
जिले में लगातार हो रही बरसात से भिनगा में कृषि भवन, भिनगा तहसील के कार्यालय व आवासीय परिसर, जूनियर हाईस्कूल, पावर हाउस, पुलिस लाइंस परिसर, बैरक, आवासीय परिसर, राजकीय पुस्तकालय, सब्जी मंडी मार्ग, मंगलभट्ठा इंटर कॉलेज मार्ग, पुरानी बाजार, खलवा बाजार, दहाना बस स्टाप, खैरीमोड़ सहित जिले के कई अन्य स्थानों पर स्थापित कार्यालय परिसर सहित मुख्य मार्ग तालाब बने हुए हैं। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
छात्र तो कहीं नहीं पहुंच पा रहे शिक्षक
भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर डिप कटने के कारण आवागमन प्रभावित है। ऐसे में भिनगा में रहकर लक्ष्मनपुर क्षेत्र के विद्यालयों में सेवा देने वाले शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। यही स्थित राप्ती के कछार सहित जंगल पार के कई विद्यालयों की है।
जहां विद्यालय परिसर सहित विद्यालय जाने वाले मार्गों पर जलभराव के कारण शिक्षक, शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं विद्यालय आने से परहेज कर रहे हैं। यही स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित राजकीय हाईस्कूलों की भी है। जहां सोमवार से ही पठन-पाठन ठप है।
अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया सतर्क
मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार 13 जुलाई तक भारी वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में जिले के सभी बाढ़ चौकी प्रभारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी प्रकार की घटना होने पर उसकी सूचना आपदा कार्यालय के नंबर 05250-222288 तथा अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय के मोबाइल नंबर 9454417609 या जिलाधिकारी के मोबाइल नंबर 9454417538 पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।