श्रावस्ती/तुलसीपुर/इकौना। तराई में तीन दिनों से जारी झमाझम बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। आलम ये है कि मात्र 24 घंटे में जलस्तर 1.25 मीटर बढ़ गया है। इससे जमुनहा, इकौना व भिनगा तहसील के तटवर्ती गांवों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है।
किसी भी समय आने वाली बाढ़ को लेकर सभी आशंकित हैं और सुरक्षित ठिकाने पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी संभावित बाढ़ को लेकर सभी तहसीलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया गया है।
तराई के मैदानी इलाकों व नेपाल के पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला शनिवार को दिनभर जारी रहा, जिसका सीधा असर राप्ती के जलस्तर पर देखने को मिला। शनिवार सुबह राप्ती नदी खतरे के निशान 127.70 मीटर को पार कर गई। नदी लाल निशान से 70 सेमी ऊपर बह रही है।
हालांकि अच्छी बात यह रही कि एक बजे के बाद से जलस्तर स्थिर है। शनिवार शाम पांच बजे भी जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेमी अधिक 1285.40 मीटर रहा। राप्ती के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से जिले के तीनों तहसीलों के तटवर्ती गांवों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। संभावित बाढ़ को लेकर सभी ग्रामीण सहमे हुए हैं और 50 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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इन गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा
राप्ती का जलस्तर बढ़ने से जमुनहा तहसील क्षेत्र के गजोबरी, बंदरा, टेपरा, मोहनपुर, भरथा, हसनापुर, बरगा, सलारूपुरवा, घाटेपुरवा, वीरपुर, लौकिहा, शिकारीचौड़ा, पिपरहवा, हरिहपुर, जोगिया, भगवानपुर पोंदिला, पोंदिली, सुखरामपुरवा, लक्ष्मणपुर सेमरहनिया आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसी प्रकार इकौना तहसील क्षेत्र की रामनगरा, सिसुवारा, भरथापुर, रामपुर कटेल, जंगरावलगढ़ी, कोटवा, कोड़री दीगर, दहावर कला, अंधारपुरवा, महरौली, भोजपुर, मनोहरापुर, इटवारिया, गणेशीजोत, सिवजोत, मलौना खसियारी, मझौवा सुमाल, भूतहा, मोहम्मदपुर राजा, खरगौरा गणेश, नारायण जोत, डिंगुरा जोत, राजगढ़ गुलहरिया आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा है।