श्रावस्ती। नेपाल व पहाड़ों सहित जिले में शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बरसात अब अपना कहर बरपाने लगी है। तेज बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है। राप्ती की लहरें जमुनहा में राप्ती बैराज पर खतरे का निशान पार कर 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। अचानक बढ़े जलस्तर से नदी का पानी कछार के इलाके को जलमग्न करते करीब 50 गांवों में प्रवेश कर रहा है। जहां लहरों ने कटान शुरू कर दी है। वहीं पहाड़ी नालों में आई बाढ़ से कई मार्ग जलमग्न हैं।
नेपाल में शुक्रवार रात से मूसलाधार बरसात जारी है। नेपाल सहित पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात के कारण नेपाल में कुसुम नदी उफान पर है। इसका पानी राप्ती में आने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जमुनहा के राप्ती बैराज पर शनिवार सुबह 7 बजे जलस्तर 127.40 मीटर मापा गया। जो दोपहर 11 बजे 127.85 मीटर व दोपहर दो बजे 127.95 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान 127.70 से 25 सेंटीमीटर अधिक है।
बढ़ते जलस्तर के कारण अब नदी का पानी तेजी से खेतों से होते हुए गांवों में प्रवेश कर रहा है। वहीं कई स्थानों पर नदी की लहरों ने अपने किनारे बसे गांव में कटान तेज कर दी है। इससे दहशत में आए ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
बैराज पर रिकॉर्ड जलस्तर
शनिवार सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 127.30 मीटर था। जो 7 बजे 127.40 मीटर पर पहुंच गया। 9 बजे तक 127.40 मीटर पर स्थिर रहा। इसके बाद 10 बजे जलस्तर बढ़कर 127.53 मीटर, 11 बजे 127.85 मीटर व 2 बजे 127.95 मीटर मापा गया।
गांवों में नदी का कहर
राप्ती के जलस्तर में वृद्धि के बाद जमुनहा का गनेशपुर पाझा, बांसगढ़ी पाझा, हरिहर पाझा, बाबापुरवा टापू बन गया है। वहीं क्षेत्र के मोहम्मदपुर, भरथा, गजबरी, बरंगा, शायपुर, अशरफ नगर, लौकिहा, हसनापुर, बंदरा, मोहनपुर, केवटनपुरवा, धर्मनगर, टिकुइया, मुराउनपुरवा, अशिंक गंगाभगड़ व आंशिक बेलरी में पानी भर गया है। उधर गिलौला के मध्यनगर, गौहनिया, सेहनियां, रामनगर व गोड़धोई, सिसवारा, पुरुषोत्तमपुर, मदारा, रामगढ़ी, इब्राहिमपुर, महमदपुर, कोंडऱी, कुंहारगढ़ी, जानकीनगर, लोनिपुरवा, परसोहना, रतैहिया, भगवानपुर बनकट, प्रहलादा, कल्यानपुर, कचनापुर, रमनगरा, अकालपुरवा, परसोहनी, लोखडिय़नपुरवा, भगवानपुर, दमोंदरा, चनैनी आदि गांव में नदी खेतों में कटान कर रही है। इससे दहशत में आए ग्रामीण अपने हाथ अपना आशियाना तोड़ गृहस्थी का सामान समेट सुरक्षित स्थान की ओर निकल रहे हैं।
जंगली व पहाड़ी नालों में भी आया उफान
नेपाल सहित पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र में डगमरा, हथिया कुंडा, भैंसाही, सूरज कुंडा, लौकिहवा सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। जंगल के केन नाले के बढ़े जलस्तर के कारण भिनगा तालबघौड़ा मार्ग पर तेंदुआ रतनपुर गांव के निकट नाले पर बने पुल पर बाढ़ का पानी आ गया है। इससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। वहीं नाले के तेज बहाव के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर रेहली स्थित डिप पर अब लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। यहां स्थानीय ग्रामीणों की ओर से पैसा लेकर लोगों को डिप पार कराया जा रहा है। वहीं ककरदरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी आ जाने के कारण लोग नाव का सहारा लेने को विवश हैं। इकौना क्षेत्र के मनोहरापुर से सोनपुर जाने वाली सड़क सोनपुर गांव के निकट कट गई है। इससे क्षेत्र के मनोहरापुर गोबार, गहिला, सोनपुर, गांधीपुरवा, गोडिय़नपुरवा, पासीपुरवा, लौकिहा, मनकौरा व तिवारीपुरवा आदि गांव टापू बन गए हैं।
गांव व नगर में भी आफत बनी बरसात
जिले में शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बरसात के कारण भिनगा बहराच मुख्यमार्ग खैरी मोड़ के निकट तालाब बन गया है। यही हाल नगर के मंगलभट्ठा स्थित पानी टंकी के निकट का भी है। जहां जलभराव के बाद उस पर विभाग की ओर से ईट डलवा दिए जाने से साइकिल व मोटर साइकिल सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वहीं मंगलभट्ठा से इंटर कॉलेज मार्ग नाला बना हुआ है। खरगौरा मोड़ पर सेमरी मार्ग, पांडेपुरवा भंगहा वाया हरिहरपुर मार्ग, भंगहा तिलकपुर मार्ग, सेमरी सेमरी तरहर मार्ग, नव्वा नेवादा मार्ग, भिनगा कानीबोझी वाया परसा मार्ग, मोहम्मदपुर अमवा मार्ग सहित कछार में बसे जमुनहा, हरिहरपुररानी, गिलौला व इकौना क्षेत्र के कई अन्य गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है।
बार बार ठप हो रही आपूर्ति
ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बरसात के बाद ही बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। इसे मौसम सामान्य होने के घंटों बाद बहाल किया जा रहा है। इसके चलते राप्ती के कछार सहित अन्य क्षेत्र के गांव पूरी रात अंधेरे में डूबे रहते हैं। जिले के ग्रामीण उपभोक्ताओं को छह से आठ घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। वहीं साबर गांव के निकट तेज बरसात के कारण नई बिछाई गई विद्युत लाइन के कई पोल व तार टूट गए हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण सागर गांव सहित आसपास के करीब 12 गांव की विद्युत आपूर्ति विगत तीन दिनों से बाधित है। जहां निवासरत करीब 20 हजार आबादी व करीब 600 उपभोक्ता बरसात के मौसम में अंधेरे में रात बिताने को विवश हैं। इससे ग्रामीणों को विषैले जीवों का खतरा सता रहा है।
कट रहा मधवापुर घाट पुल का अप्रोच
जमुनहा क्षेत्र को भिनगा व भंगहा से जोड़ने के लिए राप्ती के मधवापुर घाट पर बने पुल का अप्रोच कट रहा है। इसमें विगत वर्ष ही दरार आ गई थी। इसकी जानकारी के बाद भी सिंचाई विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते राप्ती के बढ़े जलस्तर के साथ अप्रोच कटने लगा है। इसकी सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम भिनगा चंद्रमोहन गर्ग ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तलब कर तत्काल अप्रोच को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। इसके बाद एसडीएम ने राप्ती बैराज पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा भी लिया।