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कुछ ही स्थानों पर बरसा पानी

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मंगलवार को हुई बरसात से बचने का प्रयास करते लोग। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। तराई में विगत कई दिनों से बादलों की लुकाछिपी जारी है। उमड़ घुमड़ रहे बादल कहीं बूंदाबांदी कर तो कहीं बिना बरसे ही लौट रहे हैं। इससे जहां किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। वहीं उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। ऐसे में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम की इस बेरुखी के कारण लोगों में संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ गया है।
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सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ों सहित सुहेलवा जंगल से सटे गांवों में सोमवार शाम झमाझम बरसात हुई, जबकि क्षेत्र के अधिकांश गांवों सहित जिले के अन्य हिस्सों में छाए बादल बूंदाबांदी कर लौट गए। यही हाल मंगलवार को भी रहा। सुबह खिली चटकीली धूप के बीच दोपहर के करीब अचानक घने काले बादल छा गए। इस दौरान भिनगा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में कुछ पल के लिए रिमझिम बरसात हुई।
वहीं जिले के अन्य क्षेत्रों में बूंदाबांदी के बाद बादल बिना बरसे ही लौट गए। ऐसे में बढ़ी उमस के कारण लोग पंखों के नीचे बैठने के बाद भी पसीने से तरबतर रहे। वहीं पर्याप्त बारिश न होने से सिरसिया सहित जिले के तराई क्षेत्र में धान की रोपाई का काम बाधित है। वहीं जिन क्षेत्रों में किसान धान की रोपाई कर चुके हैं वहां रोपी गई नर्सरी सूख रही है।
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बढ़ी उमस के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम की इस बेरुखी के कारण लोगों में संक्रामक रोगों का रोग का खतरा बढ़ गया है। मौसम में बार बार हो रहे परिवर्तन के कारण लोग मौसम जनित बीमारी की चपेट में देखे जा रहे हैं।
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