श्रावस्ती। कृषि कानून के विरोध में बहराइच भिनगा फोरलेन सड़क बरदेहरा मोड़ पर शनिवार को किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने पंचायत बैठक का आयोजन किया। जिसमें किसानों को कृषि कानून से होने वाले नुकसान के बारे में बताने के साथ ही चार बिंदुओं पर देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम जमुनहा जेपी चौहान को सौंपा गया।
उपजिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कोरोना काल में कृषि कानून बनाने का जो कार्य किया है। उसे समाप्त किया जाए। एमएसपी की गारंटी खरीद का कानून भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के बैनर तले देश के चालीस किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। जिन्हें दिल्ली बॉर्डर पर रोके जाने के बाद वह धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार कानून वापस न लेकर सिर्फ संशोधन की बात कह रही है। बारह दौर की वार्ता के बावजूद भी इन कानूनों का लाभ किसानों को समझाने में मंत्री विफल रहे। ऐसे में किसान विरोधी तीनों कानून तत्काल वापस लिए जाएं।
इसके साथ ही कृषक सशक्तिकरण एवं संरक्षण कीमत आश्वासन कृषि करार कानून 2020 समाप्त किया जाए। आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन विधेयक व कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण कानून समाप्त किया जाए। साथ ही एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए। जिसमें यह प्राविधान किया जाए कि किसानों द्वारा उत्पादित फसलों का कोई भी कंपनी या कार्पोरेट एजेंसी, राज्य सरकार से क्रय करने वाली लाइसेंस प्राप्त संस्थाएं व व्यापारी कम मूल्य पर खरीद न कर सकें। ऐसा न करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें कम से कम सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी जाए। इसके साथ ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने कई अन्य मांगें भी की हैं। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रामरूप वर्मा व जिला महासचिव शिव सिंह नायक सहित काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।