श्रावस्ती। तराई में जहां रात में लोग कंपकंपाती ठंड महसूस कर रहे हैं। वहीं दिन में निकलने वाली चटकीली धूप लोगों को मौसम सामान्य होने का अहसास दिला रही है। इस बीच चलने वाली पछुआ हवा लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास दिला रही है। जबकि धूप में ज्यादा देर तक लोगों का बैठ पाना मुश्किल हो रहा है। मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव से न तो लोगों को घर में चैन मिल रहा है और न घर के बाहर। ऐसे में सर्दी, जुकाम व बुखार की संभावना बढ़ गई है।
जिले में इस समय मौसम पूरी तरह से बदला-बदला सा नजर आ रहा है। शाम को शुरू होने वाली कंपकंपाती ठंड सुबह तक बनी रहती है। जिससे बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़ों के साथ ही अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं दिन-रात चल रही पश्चिमोत्तर हवा के कारण ठिठुरन काफी बढ़ गई है। जिससे निपटने के लिए लोगों को जुगत करते देखा जा रहा है। वहीं सुबह आठ बजे के बाद निकलने वाली धूप लोगों को ठंड से राहत दिला रही है। जबकि पछुआ हवा गुलाबी ठंड का अहसास करा रही है।
मौसम में आने वाले इस बदलाव के कारण लोग सर्दी जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अस्पताल आने वाला हर पांचवां व्यक्ति मौसम जनित बीमारी से पीड़ित देखा जा रहा है। तराई में शनिवार को मौसम का पारा नौ डिग्री सेल्सियस रहा। इस बारे में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल डॉ. एमपी सिंह बताते हैं कि अभी कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही बना रह सकता है। ऐसे मे लोगों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।