कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के लंका मंदिर परिसर में आयोजित विशेष वर्षावास पूजा का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान श्रीलंकाई रीति रिवाज के मुताबिक जुलूस भी निकाला गया।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के लंका मंदिर परिसर में बौद्ध भिक्षु श्रद्धा लोक महाथेरो की अध्यक्षता में वर्षावास पूजा का समापन हुआ। इस दौरान श्रीलंका के बौद्ध अनुयायियों तथा कलाकारों ने श्रीलंका धर्मशाला से लंका मंदिर परिसर तक गाजे-बाजे के साथ श्रीलंकाई रीति रिवाज से जुलूस निकाल कर पूजन किया। इस विशेष पूजा की आयोजक श्रीलंका की दीनू समरा तनुजे रहीं। इस दौरान 150 श्रीलंकाई अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षुओं को चीवरदान तथा भोजन दान दिया।
इस मौके पर बौद्ध भिक्षु श्रद्धा लोक महाथेरो ने कहा कि संसार की विरोधाभासी प्रकृति के बीच आत्मबल हमें आत्मिक शांति की राह दिखाता है। बुद्ध के संदेश हमें इसी राह पर ले जाते हैं। गौतम बुद्ध की शिक्षाएं आत्मिक उन्नति से लेकर सामाजिक हितों तक के संदर्भ में हर युग में सार्थक हैं। विशेष पूजा में बर्मीज बुद्ध विहार, भारतीय बौद्ध विहार, महामंकोल बुद्ध विहार, अंबेडकर बुद्ध विहार आदि मठों के मठाधीश सम्मिलित हुए।