आनंद बोधि पर मौजूद श्रीलंका से आए अनुयायी। संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को श्रीलंका से आए 45 अनुयायियों से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने भिक्षुणी माता सुमेधा के नेतृत्व में आनंद बोधि पर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
बौद्ध सभा में भिक्षुणी माता सुमेधा ने कहा कि बुद्ध की शिक्षा अत्यंत व्यावहारिक है, इसमें किसी भी तरह के रहस्य और आडंबर का कोई स्थान नहीं है। उनका चिंतन प्राणियों के व्यापक दुखों के कारण की खोज से प्रारंभ होता है। हमें नकारात्मक संकल्पों को अपने मन में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए और अपना नजरिया सदैव सकारात्मक रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी असफलता पर निराश न हों, सफलता के लिए दोगुना प्रयास करना चाहिए। व्यक्ति को सदैव हर परिस्थिति में संतुष्ट रहने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए उसे अतीत एवं भविष्य की चिंता को छोड़ कर वर्तमान में जीना होगा। अनुयायियों ने तपोस्थली स्थित शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, सभा मंडप, सूर्यकुंड, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण किया।