शिकारी चौड़ा गांव तक जाने वाली सड़क जर्जर। - संवाद
तुलसीपुर। जमुनहा विकासखंड क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित ग्रामीण सड़के बदहाल हैं। दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं, जिनके चलते प्रतिदिन दर्जनों बाइक व साइकिल सवार गिरकर घायल होते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोहरे के दौरान सड़क के गड्ढे व उस पर बिखरीं बजड़ियां और खतरनाक साबित होंगी। कोहरे के दौरान हादसे की संख्या बढ़ेगी और राहगीर की जान भी जा सकती है। प्रस्तुत है कुछ प्रमुख ग्रामीण सड़कों की पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट...
जमुनहा बाजार से द्वारिका गांव जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। इस पर जगह-जगह डामर के नाम पर सिर्फ रोड़े बचे हैं। कई स्थानों पर गड्ढे व बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं। ग्रामीण नंदराम व राजकुमार ने बताया कि गड्ढों को भरने के लिए कई स्थानों पर ईंट के टुकड़े डाले गए हैं। सड़क पर बने गड्ढों व बिखरी बजड़ियों के चलते प्रतिदिन दर्जनों ग्रामीण गिरकर घायल होते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से आसपास के 12 गांवों के लोग आवागमन करते हैं।
जमुनहा-बहराइच मार्ग से निकली रमवापुर जाने वाली सड़क की बजड़ियां उखड़कर बिखर गई हैं। कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बाइक व साइकिल सवार गिरकर घायल होते रहते हैं। स्थानीय निवासी विनोद सिंह व रामकुमार वर्मा आदि ने बताया कि यह सड़क पांच गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में कोहरे के दौरान गड्ढे व बजड़ियां ज्यादा घातक साबित होंगी।
जमुनहा-बहराइच मुख्य मार्ग स्थित शिकारी चौराहे से शिकारी चौड़ा गांव जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, बजड़ियां बिखरी पड़ी हैं। गांव निवासी राजेश कुमार व राममिलन ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। बजड़ियाें पर फिसलकर बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं।