भेसरी गांव तक जाने वाला जर्जर मार्ग। - संवाद
तुलसीपुर। तराई में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान बेअसर बेसर दिख रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से कई बार चलाए गए अभियान के बाद भी कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढों की भरमार है, जो विभाग के दावों व ग्रामीणों के सुगम आवागमन के मंसूबों को बट्टा लगा रहे हैं।
मुख्य सडकों के बीच व किनारों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हादसे का सबब बन रहे हैं। बावजूद इसके, विभागीय अधिकारी जिले में सब कुछ सही होने का राग अलापते हुए हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं, जिसका खामियाजा आम राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। वाहनों की हालत खराब होने के साथ-साथ हादसे का शिकार होने पर लोगों की जेब भी ढीली होती है। प्रस्तुत है गिलौला विकासखंड क्षेत्र के कुछ प्रमुख सड़कों की पड़ताल करती हुई रिपोर्ट...
गिलौला विकासखंड क्षेत्र में तुलसीपुर से बढहीपुरवा जाने वाली सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर तो सड़क पूरी तरह नदारद है, जिस पर पत्थर पड़े हैं। इसके चलते बाइक व साइकिल सवार गिरकर घायल होते रहते हैं। यही नहीं, बढ़हीपुरवा के पास स्थित सरयू नहर का एप्रोच मार्ग भी पूरी तरह जर्जर हो गया है। राहगीर सुधाकर मिश्रा व सलमान ने बताया कि एप्रोच मार्ग जर्जर होने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
बहराइच-भिनगा फोरलेन स्थित सोनवा थाने के पास से जाने वाला केशवापुर-पजावा मार्ग भी अपनी हालत पर आंसू बहा रहा है। सड़क पर जगह-जगह चक्तियां लगी हैं, जिनकी गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। इसके चलते प्रतिदिन बाइक व साइकिल सवार फिसल कर घायल होते रहते हैं। राहगीर सुरेंद्र नाथ व दिलीप विश्वकर्मा ने बताया कि कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
बहराइच-भिनगा फोरलेन पर सोनवा स्टोर से जमुनहा-बहराइच मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर भी कई स्थानों पर जानलेवा गड्ढे हैं। प्रतिदिन हजारों लोग इसी सड़क का प्रयोग कर जमुनहा जाते हैं। राहगीर सुनील शर्मा, समशुद्दीन व सलमान ने बताया कि सड़क पर अचानक गड्ढे पड़ जाने से लोग घायल हो जाते हैं।